राजनीतिक सन्यास से वापस लौटे शिवानंद तिवारी, आरजेडी ने बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

राजनीतिक सन्यास से वापस लौटे शिवानंद तिवारी, आरजेडी ने बनाया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

पटना। बिहार की राजनीति में बयान वीर के तौर पर पहचान रखने वाले पूर्व सांसद और जदयू नेता शिवानंद तिवारी ने अपने स्वघोषित राजनीतिक सन्यास को त्याग दिया है। अपनी वापसी के साथ ही उन्होंने बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार विरोधी खेमे में अपना ठिकाना बनाया है। शिवानंद तिवारी जैसे तेजतर्रार वक्ता को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपनी पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। लालू प्रसाद यादव को इस ​इस समय एक ऐसे साथ की जरूरत थी जो बिहार के वर्तमान सियासी हालातों में पार्टी के पक्ष को मजबूती से मीडिया के सामने रख सके और मीडिया भी उसे गंभीरता से।

बिहार की राजनीति को करीब से समझने वालों की माने तो आरजेडी के पास अनुभवी और प्रवक्ताओं की कमी है। लालू प्रसाद यादव के अलावा पार्टी के पास कोई ऐसा वरिष्ठ चेहरा नहीं है जो विरोधियों को जवाब दे सके। दूसरी तरफ जदयू और भाजपा का गठबंधन है जिसके पास एक से एक कुशल प्रवक्ताओं की भीड़ है।

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समता पार्टी से अपने राजनीतिक सफर को शुरू करने वाले शिवानंद तिवारी 1997 में लोकसभा गए थे। समता पार्टी में बिखराव के बीच शिवानंद तिवारी ने बिहार की रावडी देवी सरकार में बतौर मंत्री अहम भूमिका निभाई, और बुरे समय में वह जदयू के साथ चले गए। नीतीश कुमार ने शिवानंद तिवारी को ईनाम स्वरूप राज्यसभा सीट और पार्टी के प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी। 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले नीतीश कुमार ने शिवानंद तिवारी को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों में छह साल के लिए पार्टी से बाहर निकाल दिया था। जिसके बाद शिवानंद तिवारी ने राजनीति से सन्यास की घोषणा करते हुए कहा था कि वह अब घर पर रहकर आराम करेंगे। हालांकि जदयू और आरजेडी के गंठबंधन के साथ शिवानंद तिवारी ने कुछ बयान भी दिए थे जिन्हें उस समय तो गंभीरता से नहीं लिया गया।

शिवानंद तिवारी की राजनीति में वापसी और आरजेडी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाना तिवारी और आरजेडी दोनों के लिए फायदे के सौदे के रूप में देखा जा सकता है। एक ओर लालू प्रसाद यादव हैं जिन्हें बेबफा नीतीश पर लगातार हमलावर रहने के लिए सहयोगी की कमी दूर होगी तो दूसरी ओर शिवानंद तिवारी हैं जो जदयू में हुई अपनी बेइज्जती का बदला ले सकेंगे।

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