डीके शिवकुमार मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को लगाई फटकार, कहा, ऐसा व्यवहार ठीक नहीं

DK Shivkumar
डीके शिवकुमार मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को लगाई फटकार, कहा, ऐसा व्यवहार ठीक नहीं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन मामले में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को जमानत दिये जाने के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अपील शुक्रवार को खारिज कर दी। शिवकुमार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत प्रदान की थी। कोर्ट ने कहा है कि जांच एजेंसियां जिस तरीके से नागरिकों के साथ व्यवहार कर रही हैं, वह ठीक नहीं है।

Shivkumar Case Supreme Court Reprimands Ed Says Such Behavior Is Not Right :

न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की पीठ ने अपील में दूसरे पक्ष को नोटिस जारी करने का प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता का अनुरोध अस्वीकार कर दिया।

बता दें कि पिछले महीने दिल्ली हाईकोर्ट ने कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार को 25 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। वे मनी लॉन्ड्रिंग मामने में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद शिवकुमार ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हुए हैं और सरेंडर करने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वे न्याय के लिए लड़ते रहेंगे।

शिवकुमार मामले में दी थी चिदंबरम की दलील

सुनवाई के दौरान जस्टिस नरीमन ने ईडी को फटकार लगाई। जस्टिस नरीमन ने कहा कि अपने अधिकारियों से अदालत के फैसले पढ़ने को कहें। हमारे फैसलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आप शिवकुमार के मामले में पी चिदंबरम की दलील पेश कर रहे हैं जो कॉपी-पेस्ट है। इसमें बदलाव नहीं किया गया है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन मामले में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को जमानत दिये जाने के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अपील शुक्रवार को खारिज कर दी। शिवकुमार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत प्रदान की थी। कोर्ट ने कहा है कि जांच एजेंसियां जिस तरीके से नागरिकों के साथ व्यवहार कर रही हैं, वह ठीक नहीं है। न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की पीठ ने अपील में दूसरे पक्ष को नोटिस जारी करने का प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता का अनुरोध अस्वीकार कर दिया। बता दें कि पिछले महीने दिल्ली हाईकोर्ट ने कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार को 25 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। वे मनी लॉन्ड्रिंग मामने में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद शिवकुमार ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हुए हैं और सरेंडर करने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वे न्याय के लिए लड़ते रहेंगे।

शिवकुमार मामले में दी थी चिदंबरम की दलील

सुनवाई के दौरान जस्टिस नरीमन ने ईडी को फटकार लगाई। जस्टिस नरीमन ने कहा कि अपने अधिकारियों से अदालत के फैसले पढ़ने को कहें। हमारे फैसलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आप शिवकुमार के मामले में पी चिदंबरम की दलील पेश कर रहे हैं जो कॉपी-पेस्ट है। इसमें बदलाव नहीं किया गया है।