गंगा की सफाई के दौरान प्रकट हुए भगवान शिव, जानें पूरा मामला

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में नमामि गंगे के तहत गंगा की सफाई के दौरान एक अद्भुत नजारा सामने आया। यहां के कोयला घाट स्थित गंगा तट पर सफाई के दैरान खुदाई करते समय प्राचीन अष्टधातु का शिवलिंग निकला। इस मामले की जानकारी होते की शिवलिंग देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। पुरातत्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाने की कोशिश की है कि आखिरकार शिवलिंग कितना पुराना है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अभियान के तहत सोमवार को देर रात कैंट स्थित कोयला घाट में कर्मचारी जेसीबी से गंगा की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक जेसीबी मशीन धसने लगी, 20 से 25 फिट नीचे से खट-खट की आवाज आई। आवाज आने पर खुदाई के दौरान मौजूद अफसरों पहले मशीन धंसने पर घबराए लेकिन फिर खजाना या कुछ अन्य वस्तु होने की आशंका पर खुदाई जारी रखी। थोड़ी ही देर में मशीन के साथ एक शिवलिंग दिखा। शिवलिंग में भगवान शिव की आकृति बनी हुई थी।

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मौके पर मौजूद अधिकारी भी शिवलिंग देखकर दंग रह गए। शिवलिंग का वजन काफी था जिसे उठाने के लिए पांच लोग लगे और उठाकर इसे बाहर लाए। इस शिवलिंग पर भगवान शिव का स्वरूप भी बना है। प्रत्यक्षदर्शी राजेंद्र कुमार राज ने बताया कि शिवलिंग को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानों कि यह साक्षात भगवान का ही चेहरा है।

वहीं स्थानीय परमट मंदिर के महंत अजय पुरी का कहना है कि पहली बार गंगा के नीचे से भगवान शिव का लिंग निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं।

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में नमामि गंगे के तहत गंगा की सफाई के दौरान एक अद्भुत नजारा सामने आया। यहां के कोयला घाट स्थित गंगा तट पर सफाई के दैरान खुदाई करते समय प्राचीन अष्टधातु का शिवलिंग निकला। इस मामले की जानकारी होते की शिवलिंग देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। पुरातत्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाने की कोशिश की है कि आखिरकार शिवलिंग कितना पुराना है। प्राप्त जानकारी के…
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