नई पार्टी बनाने के सवाल पर हंसते हुए बोले शिवपाल, दीवाली बाद बताएंगे

shivpal singh yadav
नई पार्टी बनाने के सवाल पर हंसते हुए बोले शिवपाल, दीवाली बाद बताएंगे

लखनऊ। सपा में अंदरूनी घमासान रूकने का नाम नही ले रही है। एक निजी चैनल से बात करते हुए नई पार्टी बनाने के सवाल पर शिवपाल यादव हँसते हुए कहा कि दिवाली के बाद बताएंगे। जिससे आशंका जताई जा रही है कि वो जल्द ही नई पार्टी की घोषणा कर सकते है। उनके सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ एक मंच पर दिखने के बाद से लगने लगा था कि पार्टी में अब सब कुछ ठीक हो गया है। आशंका जताई गई थी कि उन्हे पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया जाएगा, लेकिन ऐसा न होने तल्खियां और बढ़ गई है।

Shivpal Singh Yadav May Announce New Political Party After Diwali :

बता दें कि अखिलेश यादव के सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से शिवपाल की सक्रियता लगातार कम हो रही है। इसी बीच पार्टी में अगल-थलग पड़े शिवपाल यादव और उनके समर्थकों की गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। प्रदेश भर में शिवपाल यादव के नाम से कई संगठन बन चुके हैं, जो अपनी अलग गतिविधि चला रहे हैं।

बातचीत के दौरान शिवपाल यादव ने कहा कि मैं सियासत से कभी दूर नहीं हो सकता, मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं और पार्टी के भीतर अपने हिसाब से चल रहा हूं। उन्होने कहा कि मेरे कार्यकर्ताओं का दबाव मेरे ऊपर है जिसे मैं महसूस कर रहा हूं लेकिन एक बार अगर पूरा परिवार बैठेगा तो सब ठीक हो सकता है।

लोहिया ट्रस्ट को अपना नया आफिस बनाए जाने के सवाल पर उन्होने कहा कि हमारे कार्यकर्ता हमसे मिलने के लिए हमारे घर पर आते थे लेकिन अब उनकी तादाद बढ़ने लगी है। ऐसे में वहां काफी समस्या होने लगी थी, जिसके चलते लोहिया ट्रस्ट में अब उनसे मुलाकात हो रही है। इसमें अलग से कुछ देखने जैसी बात नहीं है।

लखनऊ। सपा में अंदरूनी घमासान रूकने का नाम नही ले रही है। एक निजी चैनल से बात करते हुए नई पार्टी बनाने के सवाल पर शिवपाल यादव हँसते हुए कहा कि दिवाली के बाद बताएंगे। जिससे आशंका जताई जा रही है कि वो जल्द ही नई पार्टी की घोषणा कर सकते है। उनके सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ एक मंच पर दिखने के बाद से लगने लगा था कि पार्टी में अब सब कुछ ठीक हो गया है। आशंका जताई गई थी कि उन्हे पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया जाएगा, लेकिन ऐसा न होने तल्खियां और बढ़ गई है।बता दें कि अखिलेश यादव के सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से शिवपाल की सक्रियता लगातार कम हो रही है। इसी बीच पार्टी में अगल-थलग पड़े शिवपाल यादव और उनके समर्थकों की गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। प्रदेश भर में शिवपाल यादव के नाम से कई संगठन बन चुके हैं, जो अपनी अलग गतिविधि चला रहे हैं।बातचीत के दौरान शिवपाल यादव ने कहा कि मैं सियासत से कभी दूर नहीं हो सकता, मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं और पार्टी के भीतर अपने हिसाब से चल रहा हूं। उन्होने कहा कि मेरे कार्यकर्ताओं का दबाव मेरे ऊपर है जिसे मैं महसूस कर रहा हूं लेकिन एक बार अगर पूरा परिवार बैठेगा तो सब ठीक हो सकता है।लोहिया ट्रस्ट को अपना नया आफिस बनाए जाने के सवाल पर उन्होने कहा कि हमारे कार्यकर्ता हमसे मिलने के लिए हमारे घर पर आते थे लेकिन अब उनकी तादाद बढ़ने लगी है। ऐसे में वहां काफी समस्या होने लगी थी, जिसके चलते लोहिया ट्रस्ट में अब उनसे मुलाकात हो रही है। इसमें अलग से कुछ देखने जैसी बात नहीं है।