शिवपाल यादव मिलाएंगे भतीजे अखिलेश से हाथ, 2022 में सपा से करेंगे तालमेल

akhilesh shivpal
शिवपाल यादव मिलाएंगे भतीजे अखिलेश से हाथ, 2022 में सपा से करेंगे तालमेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे बड़ा घराना मुलायम सिंह यादव का माना जाता है। मुलायम ने लोहिया के विचारों को आगे बढ़ाते हुए इस पार्टी की बुनियाद तो मजबूत ही की साथ ही भाई शिवपाल हों या फिर रामगोपाल, सबको एकसाथ लेकर भी चले। कई बार वो मुख्यमंत्री बने लेकिन जब 2012 में यूपी के विधानसभा चुनाव में सपा ने पूर्णबहुमत हाशिल किया तो उन्होने कमान भाई शिवपाल की जगह बेटे अखिलेश को थमा दी। इसी के बाद अखिलेश और चाचा शिवपाल में थोड़ा दूरियां दिखने लगी जिसका पार्टी ने 2017 विधानसभा चुनाव में खामियाजा भी भुगता। हालांकि चाचा ने चुनाव के बाद अपनी पार्टी बना ली लेकिन अब वो धीरे धीरे अखिलेश के करीब आ रहे हैं।

Shivpal Yadav To Join Hands With Nephew Akhilesh Will Coordinate With Sp In 2022 :

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने फिरोजाबाद में कहा है कि वह उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी से तालमेल करेगे। प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि पार्टी का चुनाव चिन्ह चाबी ही रहेगा और विधानसभा सीटों पर तालमेल बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारे परिवार में कोई खटपट नहीं है और ना ही परिवार में कोई बंटवारा हुआ है।

बता दें कि शिवपाल यादव फिरोजाबाद जिला कारागार में पूर्व विधायक अजीम भाई से मुलाकात करने पंहुचे थे। इस दौरान उन्होने भाजपा के खिलाफ भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। कोरोना वायरस पर सरकार पर हमला करते हुए उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार की इसपर कोई तैयारी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के अस्पतालों में न तो दवाएं हैं और ना ही डॉक्टर हैं और इस कारण लोग भटक रहे हैं। जनता, किसानों और व्यापारियों की सुनने वाला कोई नहीं है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे बड़ा घराना मुलायम सिंह यादव का माना जाता है। मुलायम ने लोहिया के विचारों को आगे बढ़ाते हुए इस पार्टी की बुनियाद तो मजबूत ही की साथ ही भाई शिवपाल हों या फिर रामगोपाल, सबको एकसाथ लेकर भी चले। कई बार वो मुख्यमंत्री बने लेकिन जब 2012 में यूपी के विधानसभा चुनाव में सपा ने पूर्णबहुमत हाशिल किया तो उन्होने कमान भाई शिवपाल की जगह बेटे अखिलेश को थमा दी। इसी के बाद अखिलेश और चाचा शिवपाल में थोड़ा दूरियां दिखने लगी जिसका पार्टी ने 2017 विधानसभा चुनाव में खामियाजा भी भुगता। हालांकि चाचा ने चुनाव के बाद अपनी पार्टी बना ली लेकिन अब वो धीरे धीरे अखिलेश के करीब आ रहे हैं। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव ने फिरोजाबाद में कहा है कि वह उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी से तालमेल करेगे। प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि पार्टी का चुनाव चिन्ह चाबी ही रहेगा और विधानसभा सीटों पर तालमेल बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारे परिवार में कोई खटपट नहीं है और ना ही परिवार में कोई बंटवारा हुआ है। बता दें कि शिवपाल यादव फिरोजाबाद जिला कारागार में पूर्व विधायक अजीम भाई से मुलाकात करने पंहुचे थे। इस दौरान उन्होने भाजपा के खिलाफ भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। कोरोना वायरस पर सरकार पर हमला करते हुए उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार की इसपर कोई तैयारी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के अस्पतालों में न तो दवाएं हैं और ना ही डॉक्टर हैं और इस कारण लोग भटक रहे हैं। जनता, किसानों और व्यापारियों की सुनने वाला कोई नहीं है।