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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शिवपाल यादव का हमला, कहा-जब कोई कंस अपने पूज्य पिता को छल बल से हटाता है तो…

अलौकिक ‘गीता‘ के उद्घोषक योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। साथ ही लिखा है कि, यदुवंश शिरोमणि भगवान श्रीकृष्ण जगत गुरु हैं। सम्पूर्ण विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले शाश्वत सनातन भगवान श्रीकृष्ण सभी यदुवंशजों के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व गौरव हैं।

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव  (Shivpal Yadav) ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (shri krishna janmashtami) के मौके पर यदुवंशियों को पत्र लिखकर बधाई दी है। इस लेटर के जरिए उन्होंने भतीजे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर करारा प्रहार बोला है। उन्होंने कहा कि, ‘जब कोई कंस अपने पूज्य पिता को छल बल से हटाता है तो कृष्ण अवतार लेकर अत्याचारियों को दंड देकर धर्म की स्थापना करते हैं।‘

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शिवपाल यादव (Shivpal Yadav)  ने अपने पत्र में लिखा है कि, अलौकिक ‘गीता‘ के उद्घोषक योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। साथ ही लिखा है कि, यदुवंश शिरोमणि भगवान श्रीकृष्ण जगत गुरु हैं। सम्पूर्ण विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले शाश्वत सनातन भगवान श्रीकृष्ण सभी यदुवंशजों के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व गौरव हैं।

समाज में जब भी कोई ‘कंस‘ अपने (पूज्य) पिता को छल-बल से अपमानित कर पद से हटाकर अनाधिकृत अधिपत्य स्थापित करता है, तो धर्म की रक्षा के लिए मां यशोदा के लाल ग्वालों के सखा योगेश्वर श्रीकृष्ण अवश्य अवतार लेते हैं और अपने योग माया से अत्याचारियों को दंड देकर धर्म की स्थापना करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लिखा हे कि, गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है कि ‘यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत । अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।‘ हे, पूज्य जन और श्रेष्ठ यदुवंशी वीरों निःसंदेह प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) भी ईश्वर द्वारा रचित किसी विराट नियति और विधान का परिणाम है। मेरे यदुवंशी भाइयों और बहनों, आप सभी धरा पर धर्म रक्षक श्रीकृष्ण के ध्वजवाहक हैं।

उन्होंने लिखा है कि, आप वीर और कृष्ण के विराट व्यक्तित्व की प्रतिछाया हैं। स्वाभाविक तौर पर ऐसे में धर्म की रक्षा में आपका दायित्व भी महत्वपूर्ण और शाश्वत है। इसलिए हे श्रेष्ठ यदुवंशी वीरों! समाज में धर्म की स्थापना, शांति, सुरक्षा, सद्भाव, समरसता, समन्वय व एकता और लोक कल्याण हेतु मैं आप सभी का आह्वान करता हूँ ।

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