शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार आज, कौन शपथ लेगा और कौन नहीं पर्दा उठना बाकी

shivraj singh
मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव

भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवराज मंत्रिमंडल का दो महीने से टल रहा विस्तार अंतत: आज होगा। इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। मंत्रिमंडल में कौन शपथ लेगा और कौन नहीं, फिलहाल भाजपा ने इससे पर्दा नहीं उठाया है। लेकिन पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को साधने और डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे भोपाल पहुंच गए हैं। भोपाल आकर सहस्रबुद्धे और भाजपा कोर टीम के नेताओं के बीच बुधवार शाम से रात तक करीब छह घंटे बैठक हुई, जिसमें शपथ ग्रहण और उससे उपजने वाले असंतोष को लेकर रणनीति तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह 11 बजे राजभवन में लगभग 27 मंत्रियों की शपथ होगी।

Shivrajs Cabinet Expanded Today Who Will Take Oath And Who Is Not To Be Veiled :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय से कोशिश कर रहे थे कि मंत्रिमंडल का विस्तार शुभ मुहूर्त में हो जाए, लेकिन मंत्री पद के दावेदारों के नाम पर सहमति नहीं बनने से मंत्रिमंडल विस्तार का मामला लगातार टल रहा था। दिल्ली से लौटने के बाद मंगलवार को शिवराज ने संकेत दिए थे कि एक-दो दिन में शपथ ग्रहण का कार्यक्रम हो जाएगा। बुधवार को फिर चौहान ने साफ कर दिया है कि गुरुवार को ही कैबिनेट का विस्तार होगा। एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि मंथन के बाद तो अमृृत ही निकलेगा, विष तो शिव ने पिया है। इस बात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ दिग्गजों का मानना है कि शिवराज का इशारा संगठन की ओर है।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने चौहान की टिप्पणी पर कहा कि मंथन इतना लंबा हो गया कि अमृृत तो निकला नहीं, सिर्फ विष ही विष निकला है। मंथन से निकले विष को तो अब रोज ही पीना पड़ेगा, क्योंकि अब तो कल से रोज मंथन करना पड़ेगा। अमृृत के लिए तो अब तरसना ही तरसना पड़ेगा। इस विष का परिणाम तो अब हर हाल में भोगना पड़ेगा। कांग्रेस का इशारा ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ है।

भोपाल पहुंचने के बाद भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि मंत्रिमंडल में सभी को समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची गुरवार को ही सार्वजनिक की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विष पीने के बयान के जवाब में कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। कोई कठिनाई नहीं, कोई असंतुष्ट नहीं है। सब ठीक हो जाएगा।

शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में भाजपा कई नए चेहरों पर दांव लगाने जा रही है। वहीं कई पुराने दिग्गज अब मार्गदर्शक मंडल में भेजे जाएंगे। संभावना है कि मंत्रियों की सूची राजभवन को सुबह ही सूची भेजी जाएगी। पार्टी में समन्वय बनाते-बनाते कैबिनेट के दावेदारों की संख्या 27 तक पहुंच गई। पहले भाजपा 25 मंत्री ही बनाना चाह रही थी।

शिवराज कैबिनेट में जिन नेताओं को पहली बार शामिल किया जा रहा है, उनमें विंध्य से रामखिलावन पटेल (अमरपाटन), गिरीश गौतम (देवतालाब) को शामिल किया है। महाकोशल से नंदिनी मरावी (सिहोरा) और रामकिशोर कांवरे (परसवाड़ा), मालवा से विजय शाह (हरसूद), उषा ठाकुर (महू), प्रेम सिंह पटेल (बड़वानी), मोहन यादव (दक्षिण उज्जैन), चेतन काश्यप (रतलाम सिटी), बुंदेलखंड- गोपाल भार्गव (रहली), भूपेंद्र सिंह (खुरई), हरिशंकर खटीक (जतारा), पन्ना से बृजेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर लगभग सहमति बन गई है। भोपाल से विश्वास सारंग (नरेला), इंदर सिंह परमार (शुजालपुर) और चंबल-ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया (शिवपुरी), अरविंद भदौरिया (अटेर), भारत सिंह कुशवाह (ग्वालियर ग्रामीण) का नाम अंतिम दौर में पहुंचा है। संभावना है कि इनमें एक-दो नाम कम हो सकते हैं।

इधर सिंधिया खेमे से अब नौ की जगह 12 दावेदार मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसौदिया, प्रभुराम चौधरी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंषाना, राजव‌र्द्घन सिंह दत्तीगांव और हरदीप सिंह डंग के साथ रणवीर जाटव का नाम शामिल थे। बुधवार देर रात तक चले मंथन के बाद सिंधिया कोटे में कुछ नाम और जोड़े गए हैं, उनमें सुरेश धाकड़, गिर्राज डंडौतिया और बृजेंद्र सिंह यादव के नाम शामिल किए गए हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवराज मंत्रिमंडल का दो महीने से टल रहा विस्तार अंतत: आज होगा। इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। मंत्रिमंडल में कौन शपथ लेगा और कौन नहीं, फिलहाल भाजपा ने इससे पर्दा नहीं उठाया है। लेकिन पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को साधने और डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे भोपाल पहुंच गए हैं। भोपाल आकर सहस्रबुद्धे और भाजपा कोर टीम के नेताओं के बीच बुधवार शाम से रात तक करीब छह घंटे बैठक हुई, जिसमें शपथ ग्रहण और उससे उपजने वाले असंतोष को लेकर रणनीति तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह 11 बजे राजभवन में लगभग 27 मंत्रियों की शपथ होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय से कोशिश कर रहे थे कि मंत्रिमंडल का विस्तार शुभ मुहूर्त में हो जाए, लेकिन मंत्री पद के दावेदारों के नाम पर सहमति नहीं बनने से मंत्रिमंडल विस्तार का मामला लगातार टल रहा था। दिल्ली से लौटने के बाद मंगलवार को शिवराज ने संकेत दिए थे कि एक-दो दिन में शपथ ग्रहण का कार्यक्रम हो जाएगा। बुधवार को फिर चौहान ने साफ कर दिया है कि गुरुवार को ही कैबिनेट का विस्तार होगा। एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि मंथन के बाद तो अमृृत ही निकलेगा, विष तो शिव ने पिया है। इस बात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ दिग्गजों का मानना है कि शिवराज का इशारा संगठन की ओर है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने चौहान की टिप्पणी पर कहा कि मंथन इतना लंबा हो गया कि अमृृत तो निकला नहीं, सिर्फ विष ही विष निकला है। मंथन से निकले विष को तो अब रोज ही पीना पड़ेगा, क्योंकि अब तो कल से रोज मंथन करना पड़ेगा। अमृृत के लिए तो अब तरसना ही तरसना पड़ेगा। इस विष का परिणाम तो अब हर हाल में भोगना पड़ेगा। कांग्रेस का इशारा ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ है। भोपाल पहुंचने के बाद भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि मंत्रिमंडल में सभी को समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची गुरवार को ही सार्वजनिक की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विष पीने के बयान के जवाब में कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। कोई कठिनाई नहीं, कोई असंतुष्ट नहीं है। सब ठीक हो जाएगा। शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में भाजपा कई नए चेहरों पर दांव लगाने जा रही है। वहीं कई पुराने दिग्गज अब मार्गदर्शक मंडल में भेजे जाएंगे। संभावना है कि मंत्रियों की सूची राजभवन को सुबह ही सूची भेजी जाएगी। पार्टी में समन्वय बनाते-बनाते कैबिनेट के दावेदारों की संख्या 27 तक पहुंच गई। पहले भाजपा 25 मंत्री ही बनाना चाह रही थी। शिवराज कैबिनेट में जिन नेताओं को पहली बार शामिल किया जा रहा है, उनमें विंध्य से रामखिलावन पटेल (अमरपाटन), गिरीश गौतम (देवतालाब) को शामिल किया है। महाकोशल से नंदिनी मरावी (सिहोरा) और रामकिशोर कांवरे (परसवाड़ा), मालवा से विजय शाह (हरसूद), उषा ठाकुर (महू), प्रेम सिंह पटेल (बड़वानी), मोहन यादव (दक्षिण उज्जैन), चेतन काश्यप (रतलाम सिटी), बुंदेलखंड- गोपाल भार्गव (रहली), भूपेंद्र सिंह (खुरई), हरिशंकर खटीक (जतारा), पन्ना से बृजेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर लगभग सहमति बन गई है। भोपाल से विश्वास सारंग (नरेला), इंदर सिंह परमार (शुजालपुर) और चंबल-ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया (शिवपुरी), अरविंद भदौरिया (अटेर), भारत सिंह कुशवाह (ग्वालियर ग्रामीण) का नाम अंतिम दौर में पहुंचा है। संभावना है कि इनमें एक-दो नाम कम हो सकते हैं। इधर सिंधिया खेमे से अब नौ की जगह 12 दावेदार मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसौदिया, प्रभुराम चौधरी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंषाना, राजव‌र्द्घन सिंह दत्तीगांव और हरदीप सिंह डंग के साथ रणवीर जाटव का नाम शामिल थे। बुधवार देर रात तक चले मंथन के बाद सिंधिया कोटे में कुछ नाम और जोड़े गए हैं, उनमें सुरेश धाकड़, गिर्राज डंडौतिया और बृजेंद्र सिंह यादव के नाम शामिल किए गए हैं।