उद्धव ठाकरे का ऐलान, शिवसेना अकेले दम पर लड़ेगी 2019 का लोकसभा चुनाव

उद्धव ठाकरे का ऐलान, शिवसेना अकेले दम पर लड़ेगी 2019 का लोकसभा चुनाव
उद्धव ठाकरे का ऐलान, शिवसेना अकेले दम पर लड़ेगी 2019 का लोकसभा चुनाव

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और शिवसेना के बीच काफी समय से चल रही तल्खी अब साफ हो चुकी है। शिवसेना ने फैसला लेते हुए 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगी दल भाजपा से गठबंधन ना कर अलग लड़ने का निर्णय लिया। शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा, “मैं वचन देता हूं कि अपने दम पर देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। चाहे जीतें या हारे, लेकिन चुनाव अपने दम पर ही लड़ेंगे।”

Shivsena 2019 Election No Alliance Narendra Modi Bjp Udhav Thackeray :

चार साल में यह दूसरी बार है जब शिवसेना ने अपने अकेले के बूते पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना-भाजपा का गठबंधन टूट गया था और दोनों पार्टियों ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था। बाद में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी जबकि शिवसेना को एक महीने तक विपक्ष में बैठना पड़ा था और उसके बाद उसी साल शिवसेना ने भाजपा से हाथ मिला लिया।

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि प्रस्ताव पास किया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा और सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हम अकेले दम पर लड़ेंगे तो 25 लोकसभा सीटें और 150 विधानसभा सीटें जीतने का दावा किया है।

लंबे वक्त से चली आ रही तल्खी को देखते हुए यह फैसला सामान्य ही माना जाएगा। शिवसेना केंद्र की मोदी सरकार, यहां तक कि राज्य की फडणवीस सरकार की खासी आलोचक रही है। नोटबंदी, जीएसटी जैसे केंद्र सरकार के फैसलों से लेकर हर उस मुद्दे पर शिवसेना अपने सहयोगी पर हमलावर रही, जिसके जरिए विरोधी पार्टियों ने बीजेपी को घेरने की कोशिश की।

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में भाजपा और शिवसेना की गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें 122 भाजपा के, 63 शिवसेना और बाकी अन्य विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस के 42, और एनसीपी के 41 विधायक हैं।

मुंबई। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और शिवसेना के बीच काफी समय से चल रही तल्खी अब साफ हो चुकी है। शिवसेना ने फैसला लेते हुए 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगी दल भाजपा से गठबंधन ना कर अलग लड़ने का निर्णय लिया। शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा, "मैं वचन देता हूं कि अपने दम पर देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। चाहे जीतें या हारे, लेकिन चुनाव अपने दम पर ही लड़ेंगे।"चार साल में यह दूसरी बार है जब शिवसेना ने अपने अकेले के बूते पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना-भाजपा का गठबंधन टूट गया था और दोनों पार्टियों ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था। बाद में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी जबकि शिवसेना को एक महीने तक विपक्ष में बैठना पड़ा था और उसके बाद उसी साल शिवसेना ने भाजपा से हाथ मिला लिया।शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि प्रस्ताव पास किया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा और सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हम अकेले दम पर लड़ेंगे तो 25 लोकसभा सीटें और 150 विधानसभा सीटें जीतने का दावा किया है।लंबे वक्त से चली आ रही तल्खी को देखते हुए यह फैसला सामान्य ही माना जाएगा। शिवसेना केंद्र की मोदी सरकार, यहां तक कि राज्य की फडणवीस सरकार की खासी आलोचक रही है। नोटबंदी, जीएसटी जैसे केंद्र सरकार के फैसलों से लेकर हर उस मुद्दे पर शिवसेना अपने सहयोगी पर हमलावर रही, जिसके जरिए विरोधी पार्टियों ने बीजेपी को घेरने की कोशिश की।बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में भाजपा और शिवसेना की गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें 122 भाजपा के, 63 शिवसेना और बाकी अन्य विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस के 42, और एनसीपी के 41 विधायक हैं।