अयोध्या में अब रामराज नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट राज : उद्धव ठाकरे

uddhav thakrey
अयोध्या में अब रामराज नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट राज : उद्धव ठाकरे

नई दिल्ली। शिवसेना ने शुक्रवार को बीजेपी से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने और तारीख की घोषणा करने के लिए कहा। शिवसेना ने कहा कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है। शिवसेना प्रमुख उद्धव राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 25 नवंबर को अयोध्या का दौरा करेंगे।

Shivsena Said Ramraj Not In Ayodhya Now Rule Of The Supreme Court :

शिवसेसना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में ये भी कहा गया है कि अयोध्या में अब रामराज नहीं सुप्रीम कोर्ट का राज है। उसमे आगे कहा ​गया कि 1992 में बालासाहेब के शिवसैनिकों ने रामजन्मभूमि में बाबर राज को तबाह कर दिया था। फिर भी सत्ता में बैठे लोग उन शिवसैनिकों पर गर्व करने के बजाय उनसे डर और जलन महसूस कर रहे हैं। उन्होने कहा कि अयोध्या जा रहे शिवसैनिकों पर सवाल उठाने से अच्छा है कि सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तारीख बताकर संदेह खत्म करना चाहिए।

संपादकीय में लिखा है, “हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? शिवसैनिकों ने कहा कि हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं। शिवसेना ने दावा किया कि उसने चलो अयोध्या का नारा नहीं दिया है। उन्होने कहा, “अयोध्या किसी की निजी जगह नहीं है। शिवसैनिक अयोध्या सिर्फ भगवान राम के दर्शन करने जा रहे है।

नई दिल्ली। शिवसेना ने शुक्रवार को बीजेपी से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने और तारीख की घोषणा करने के लिए कहा। शिवसेना ने कहा कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है। शिवसेना प्रमुख उद्धव राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 25 नवंबर को अयोध्या का दौरा करेंगे। शिवसेसना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में ये भी कहा गया है कि अयोध्या में अब रामराज नहीं सुप्रीम कोर्ट का राज है। उसमे आगे कहा ​गया कि 1992 में बालासाहेब के शिवसैनिकों ने रामजन्मभूमि में बाबर राज को तबाह कर दिया था। फिर भी सत्ता में बैठे लोग उन शिवसैनिकों पर गर्व करने के बजाय उनसे डर और जलन महसूस कर रहे हैं। उन्होने कहा कि अयोध्या जा रहे शिवसैनिकों पर सवाल उठाने से अच्छा है कि सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तारीख बताकर संदेह खत्म करना चाहिए। संपादकीय में लिखा है, "हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? शिवसैनिकों ने कहा कि हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं। शिवसेना ने दावा किया कि उसने चलो अयोध्या का नारा नहीं दिया है। उन्होने कहा, "अयोध्या किसी की निजी जगह नहीं है। शिवसैनिक अयोध्या सिर्फ भगवान राम के दर्शन करने जा रहे है।