गली-गली घूम कर रोटी कपड़ा बैंक चला रही PCS अफसर की पत्नी

हमीरपुर। ऐशों-आराम को दरकिनार कर गरीबों का मसीहा बनकर सामने आयीं एक पीसीएस अफसर की पत्नी। पति के मुकाम को मंजिल तक पहुंचाने की ठान लेने वाली डॉ. श्रेया गली-गली घूमकर, गरीब लोगों से बात कर पैदल चलकर रोड शो कर लोगों से बस यही गुजारिश कर रही हैं कि ‘सबको देखा बार-बार, हमको भी देख लो एक बार।’

Shreya Wants To Complete Pcs Husbands Dream :

बता दें कि यह मामला रायबरेली के ADM डॉ.राजेश कुमार प्रजापति की पत्नी डॉ. श्रेया का है। रायबरेली ट्रांसफर होने से पहले डॉ.राजेश अपने पत्नी के साथ हमीरपुर में किराये पर रहती थीं। पति के ट्रांसफर होने के बाद से श्रेया हमीरपुर में गरीबों और असहायों के लिए सालों से रोटी-कपड़ा बैंक चला रही हैं। अपने इस रोटी-कपड़ा बैंक के जरिये ये आज भी गरीब और असहाय लोगों को दो वक्त का भोजन मुहैया करा रही हैं।

चुनावी मैदान में भी नजर आ रही हैं श्रेया

इस मुहीम के साथ श्रेया इस बार चुनावी मैदान में भी नजर आ रही हैं। चेयरमैन के पद पर चुनाव में खड़ी श्रेया गली-गली घूमकर वोट के लिए समर्थकों से यही अपील कर रही हैं कि ‘सबको देखा बार-बार, हमें देखो सिर्फ एक बार’। उन्होने बताया कि मैं अपने पति का सपना पूरा करने के लिए ही यह चुनाव लड़ रहीं हूँ।

इस मामले में पति आर.के. का क्या कहना है

ADM डॉ.आरके प्रजापति ने बताया, शादी के बाद पत्नी की राजकीय सेवा में नौकरी करने की इच्छा थी लेकिन मैंने मना कर दिया। मैं चाहता हूं कि मेरी पत्नी समाजसेवा करे और इसी क्षेत्र में आगे बढ़े। जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों का भला हो सके।

डॉ. श्रेया ने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) से एमए करने के बाद पीएचडी किया। पिछले 2 साल से गुलशन वेलफेयर सोसाइटी भी चला रही हैं। समाजसेवा के लिए 5 दिसंबर 2016 को लखनऊ स्थित लोकभवन में इन्हें गवर्नर रामनाईक ने सम्मानित किया था। बता दें कि इन्हे बुन्देलखंड कनेक्ट एक्सीलेंट अवार्ड भी मिल चुका है।

हमीरपुर। ऐशों-आराम को दरकिनार कर गरीबों का मसीहा बनकर सामने आयीं एक पीसीएस अफसर की पत्नी। पति के मुकाम को मंजिल तक पहुंचाने की ठान लेने वाली डॉ. श्रेया गली-गली घूमकर, गरीब लोगों से बात कर पैदल चलकर रोड शो कर लोगों से बस यही गुजारिश कर रही हैं कि 'सबको देखा बार-बार, हमको भी देख लो एक बार।'बता दें कि यह मामला रायबरेली के ADM डॉ.राजेश कुमार प्रजापति की पत्नी डॉ. श्रेया का है। रायबरेली ट्रांसफर होने से पहले डॉ.राजेश अपने पत्नी के साथ हमीरपुर में किराये पर रहती थीं। पति के ट्रांसफर होने के बाद से श्रेया हमीरपुर में गरीबों और असहायों के लिए सालों से रोटी-कपड़ा बैंक चला रही हैं। अपने इस रोटी-कपड़ा बैंक के जरिये ये आज भी गरीब और असहाय लोगों को दो वक्त का भोजन मुहैया करा रही हैं।चुनावी मैदान में भी नजर आ रही हैं श्रेयाइस मुहीम के साथ श्रेया इस बार चुनावी मैदान में भी नजर आ रही हैं। चेयरमैन के पद पर चुनाव में खड़ी श्रेया गली-गली घूमकर वोट के लिए समर्थकों से यही अपील कर रही हैं कि 'सबको देखा बार-बार, हमें देखो सिर्फ एक बार'। उन्होने बताया कि मैं अपने पति का सपना पूरा करने के लिए ही यह चुनाव लड़ रहीं हूँ।इस मामले में पति आर.के. का क्या कहना हैADM डॉ.आरके प्रजापति ने बताया, शादी के बाद पत्नी की राजकीय सेवा में नौकरी करने की इच्छा थी लेकिन मैंने मना कर दिया। मैं चाहता हूं कि मेरी पत्नी समाजसेवा करे और इसी क्षेत्र में आगे बढ़े। जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों का भला हो सके।डॉ. श्रेया ने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) से एमए करने के बाद पीएचडी किया। पिछले 2 साल से गुलशन वेलफेयर सोसाइटी भी चला रही हैं। समाजसेवा के लिए 5 दिसंबर 2016 को लखनऊ स्थित लोकभवन में इन्हें गवर्नर रामनाईक ने सम्मानित किया था। बता दें कि इन्हे बुन्देलखंड कनेक्ट एक्सीलेंट अवार्ड भी मिल चुका है।