अयोध्या में इस बार भव्य होगा श्रीराम जन्मोत्सव, दुनिया देखेगी सजीव प्रसारण

Ram Navami
अयोध्या में इस बार भव्य होगा श्रीराम जन्मोत्सव, दुनिया देखेगी सजीव प्रसारण

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम नगरी में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने तक रामलला को वैकल्पिक गर्भगृह में विराजमान करने के साथ ही दो अप्रैल को आयोजित श्रीराम जन्मोत्सव को अब भव्य तरीके से मनाने की तैयारी चल रही है।

Shri Rams Birth Anniversary Will Be Grand This Time In Ayodhya The World Will See Live Broadcast :

राम जन्मोत्सव पर भजन-कीर्तन के साथ कई रंगारंग कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही जन्मोत्सव समारोह का सजीव प्रसारण करने की तैयारी है। पूरी रामनगरी के सार्वजनिक स्थलों पर लगी बड़ी स्क्रीन के जरिए भी लोग जन्मोत्सव के उल्लास में सराबोर हो पाएंगे।

बीते 500 सालों से विभिन्न विवादों के चलते प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को अस्थाई मंदिर में विराजे रामलला का जन्मोत्सव मनाया जाता था, लेकिन इस समारोह में उल्लास नहीं दिखाई देता था। कड़ी सुरक्षा और नियमों की बेडिय़ों के कारण चंद श्रद्धालु ही राम के प्रति अनुराग जाहिर कर पाते थे।

नौ नवंबर को सुप्रीम फैसले के बाद जहां भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू हो गई हैं। अगले तीन साल मंदिर निर्माण तक यह गर्भगृह भले वैकल्पिक रहेगा मगर, रामलला की गौरव-गरिमा का समुचित ख्याल रखा जाएगा। इसी कड़ी में उनका जन्मोत्सव भी भव्यता से मनाने की तैयारी हो रही है।

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम नगरी में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने तक रामलला को वैकल्पिक गर्भगृह में विराजमान करने के साथ ही दो अप्रैल को आयोजित श्रीराम जन्मोत्सव को अब भव्य तरीके से मनाने की तैयारी चल रही है। राम जन्मोत्सव पर भजन-कीर्तन के साथ कई रंगारंग कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही जन्मोत्सव समारोह का सजीव प्रसारण करने की तैयारी है। पूरी रामनगरी के सार्वजनिक स्थलों पर लगी बड़ी स्क्रीन के जरिए भी लोग जन्मोत्सव के उल्लास में सराबोर हो पाएंगे। बीते 500 सालों से विभिन्न विवादों के चलते प्रत्येक वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को अस्थाई मंदिर में विराजे रामलला का जन्मोत्सव मनाया जाता था, लेकिन इस समारोह में उल्लास नहीं दिखाई देता था। कड़ी सुरक्षा और नियमों की बेडिय़ों के कारण चंद श्रद्धालु ही राम के प्रति अनुराग जाहिर कर पाते थे। नौ नवंबर को सुप्रीम फैसले के बाद जहां भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू हो गई हैं। अगले तीन साल मंदिर निर्माण तक यह गर्भगृह भले वैकल्पिक रहेगा मगर, रामलला की गौरव-गरिमा का समुचित ख्याल रखा जाएगा। इसी कड़ी में उनका जन्मोत्सव भी भव्यता से मनाने की तैयारी हो रही है।