राम मंदिर विवाद सुलझाने अयोध्या पहुंचे श्रीश्री रविशंकर, योगी ने कहा- आसान नहीं

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अयोध्या। राम मंदिर मुद्दे को कोर्ट के बाहर सुलझाने का प्रयास कर रहे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर सीएम योगी से मुलाक़ात के बाद गुरुवार को अयोध्या रवाना हो गए। यहां वे हिंदू- मुस्लिम पक्षकारों से बात करेंगे। इससे पहले उनकी इस कोशिश को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को योगी आदित्यनाथ ने कहा- सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई हो रही है। इसलिए बातचीत का मतलब मुझे समझ में नहीं आता है।

Shrishri Ravishankar In Ayodhya To Meet Both Parties Of Ram Mandir Dispute :

पहले से ही श्रीश्री रविशंकर के मध्यस्थता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि वह आलोचकों का मुंह बंद नहीं कर सकते। इस विवाद के पटाक्षेप का एक प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि का विवाद सिर्फ बातचीत से ही हल हो सकता है। इसके लिए वह प्रयासरत हैं। इसमें उनका कोई निजी एजेंडा नहीं है।

अयोध्या में श्रीश्री रविशंकर का प्लान
अयोध्या पहुंचने के बाद श्री श्री रविशंकर रामलला के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी और हाजी महबूब से मिलने जाएंगे। इन लोगों से मिलने के बाद रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास से मिलेंगे, राम विलास दास वेदांती और दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास के साथ महंत ज्ञानदास से भी मिलेंगे। रविशंकर निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास और अखाड़े के पंचों से मुलाकात करेंगे। शाम 4 बजे श्री श्री एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।

सीएम योगी ने मुलाक़ात के बाद ये कहा…
सीएम आदित्यनाथ ने कहा, “श्री श्री रविशंकर को लखनऊ आना था, इसलिए मेरे पास उनका आना हुआ। 5 दिसंबर से सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। बातचीत से समाधान होना था तो बहुत पहले हो चुका होता। फिर भी संभावना है तो कोई बुराई नहीं। सरकार इसमें कोई पक्ष नहीं है। सरकार अपनी तरफ से फिलहाल कोई पहल नहीं करेगी, जबकि केस सुप्रीम कोर्ट में है।”

अयोध्या। राम मंदिर मुद्दे को कोर्ट के बाहर सुलझाने का प्रयास कर रहे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर सीएम योगी से मुलाक़ात के बाद गुरुवार को अयोध्या रवाना हो गए। यहां वे हिंदू- मुस्लिम पक्षकारों से बात करेंगे। इससे पहले उनकी इस कोशिश को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को योगी आदित्यनाथ ने कहा- सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई हो रही है। इसलिए बातचीत का मतलब मुझे समझ में नहीं आता है।पहले से ही श्रीश्री रविशंकर के मध्यस्थता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि वह आलोचकों का मुंह बंद नहीं कर सकते। इस विवाद के पटाक्षेप का एक प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि का विवाद सिर्फ बातचीत से ही हल हो सकता है। इसके लिए वह प्रयासरत हैं। इसमें उनका कोई निजी एजेंडा नहीं है।अयोध्या में श्रीश्री रविशंकर का प्लान अयोध्या पहुंचने के बाद श्री श्री रविशंकर रामलला के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी और हाजी महबूब से मिलने जाएंगे। इन लोगों से मिलने के बाद रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास से मिलेंगे, राम विलास दास वेदांती और दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास के साथ महंत ज्ञानदास से भी मिलेंगे। रविशंकर निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास और अखाड़े के पंचों से मुलाकात करेंगे। शाम 4 बजे श्री श्री एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।सीएम योगी ने मुलाक़ात के बाद ये कहा... सीएम आदित्यनाथ ने कहा, "श्री श्री रविशंकर को लखनऊ आना था, इसलिए मेरे पास उनका आना हुआ। 5 दिसंबर से सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। बातचीत से समाधान होना था तो बहुत पहले हो चुका होता। फिर भी संभावना है तो कोई बुराई नहीं। सरकार इसमें कोई पक्ष नहीं है। सरकार अपनी तरफ से फिलहाल कोई पहल नहीं करेगी, जबकि केस सुप्रीम कोर्ट में है।"