VIDEO: सियाचिन की ठंड में सैनिक हथोड़े से तोड़ते हैं अंडे, टमाटर हो जाते हैं पत्‍थर!

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VIDEO: सियाचिन की ठंड में सैनिक हथोड़े से तोड़ते हैं अंडे, टमाटर हो जाते हैं पत्‍थर!

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस बात की झलक देखी जा सकती है कि दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध के मैदान में सैनिकों को हर रोज कितनी मुश्किलों का सामना करना होता है। समुद्र तल से करीब 20 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन में सेना के जवानों की इन दुश्‍वारियों का एक विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। इस विडियो में जवान दिखा रहे हैं कि आलू से लेकर टमाटर तक सबकुछ जम जाता है और उसे हथौड़े तोड़कर खाना बनाना पड़ता है।

Siachen Eggs Dont Break With Hammer Due To 60 Degrees Temperature :

इतना ही नहीं सब्‍ज‍ियों का हाल भी ठंड में बुरा हो जाता है। टमाटर और प्‍याज ठंड में इतने सख्‍त हो जाते हैं कि उन्‍हें या तो खुखरी से काटना पड़ता है या हथोड़े से तोड़ना पड़ता है। सियाचिन में पारा -40 डिग्री तक चला जाता है। हालांकि इस बात की तस्‍दीक नहीं हुई है कि ये वीडियो किस समय और किस रेजीमेंट का है। माना जा रहा है कि ये वीडियो असम रेजीमेंज के सैनिकों का है।

तापमान माइनस 40 से 70 डिग्री सेल्सियस तक

जवानों ने बताया कि सियाचिन में नौकरी करना आसान नहीं है। यहां तापमान माइनस 40 से 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। आम इंसान का सियाचिन में जीना हराम हो जाता है। बता दें कि सियाचिन सालभर बर्फ की मोटी चादर से ढका रहता है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा और सबसे ठंडा युद्धक्षेत्र है। पिछले दिनों नए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सियाचिन बेस कैंप का दौरा किया था और जवानों से मुलाकात की थी।

सुरक्षा पर प्रतिदिन सात करोड़ रुपये खर्च

रिपोर्ट्स के मुताबिक सियाचिन में सुरक्षा पर प्रतिदिन सात करोड़ रुपये खर्च होते हैं। सियाचिन की 80 फीसदी सै‍न्‍य चौकियां 16 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हैं। सियाचिन में करीब 3 हजार जवान हर समय तैनात रहते हैं। जवानों को खाना बनाने और बंकर के अंदर गर्मी के लिए केरोसिन का इस्‍तेमाल किया जाता है। सेना के जवान बर्फ को पिघालकर पानी बनाते हैं और फिर उसका इस्‍तेमाल खाना बनाने और पीने के लिए करते हैं।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस बात की झलक देखी जा सकती है कि दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध के मैदान में सैनिकों को हर रोज कितनी मुश्किलों का सामना करना होता है। समुद्र तल से करीब 20 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन में सेना के जवानों की इन दुश्‍वारियों का एक विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। इस विडियो में जवान दिखा रहे हैं कि आलू से लेकर टमाटर तक सबकुछ जम जाता है और उसे हथौड़े तोड़कर खाना बनाना पड़ता है। इतना ही नहीं सब्‍ज‍ियों का हाल भी ठंड में बुरा हो जाता है। टमाटर और प्‍याज ठंड में इतने सख्‍त हो जाते हैं कि उन्‍हें या तो खुखरी से काटना पड़ता है या हथोड़े से तोड़ना पड़ता है। सियाचिन में पारा -40 डिग्री तक चला जाता है। हालांकि इस बात की तस्‍दीक नहीं हुई है कि ये वीडियो किस समय और किस रेजीमेंट का है। माना जा रहा है कि ये वीडियो असम रेजीमेंज के सैनिकों का है। तापमान माइनस 40 से 70 डिग्री सेल्सियस तक जवानों ने बताया कि सियाचिन में नौकरी करना आसान नहीं है। यहां तापमान माइनस 40 से 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। आम इंसान का सियाचिन में जीना हराम हो जाता है। बता दें कि सियाचिन सालभर बर्फ की मोटी चादर से ढका रहता है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा और सबसे ठंडा युद्धक्षेत्र है। पिछले दिनों नए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सियाचिन बेस कैंप का दौरा किया था और जवानों से मुलाकात की थी। सुरक्षा पर प्रतिदिन सात करोड़ रुपये खर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक सियाचिन में सुरक्षा पर प्रतिदिन सात करोड़ रुपये खर्च होते हैं। सियाचिन की 80 फीसदी सै‍न्‍य चौकियां 16 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हैं। सियाचिन में करीब 3 हजार जवान हर समय तैनात रहते हैं। जवानों को खाना बनाने और बंकर के अंदर गर्मी के लिए केरोसिन का इस्‍तेमाल किया जाता है। सेना के जवान बर्फ को पिघालकर पानी बनाते हैं और फिर उसका इस्‍तेमाल खाना बनाने और पीने के लिए करते हैं।