अगर आप भी रोजाना स्ट्रेटनर का करती हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान

अगर आप भी रोजाना स्ट्रेटनर का करती हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान
अगर आप भी रोजाना स्ट्रेटनर का करती हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान

लखनऊ। अगर आप भी रोजाना ऑफिस या कॉलेज जाते समय बालों को स्ट्रेट करती हैं तो यह आपके बालों के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। दरअसल हेयर स्ट्रेट कराने से आपके बाल काफी ड्राई हो जाते हैं। आपको बता दें कि बालों को आप चाहे स्ट्रेटनर से स्ट्रेट करें या केमिकल से इन दोनों ही तरीको से आपके बालों का नैचुरल ऑयल खत्म हो जाता है और बाल काफी ड्राई और रफ हो जाते हैं।

Side Effects Of Using Hair Straightener :

बालों को आप चाहे प्रेसिंग मशीन या फिर केेमिकल ट्रीटमेंट से स्ट्रेट करवाए, दोनों में ही बालों की जड़े कमजोर हो जाती है और यह आसानी से टूटने लगते हैं। इसके अलावा बालों में स्प्लिट एंड्स की समस्या भी बढ़ जाती है।

  • स्ट्रेटनिंग के कारण हेयर फॉल होने लगता है।
  • हेयर स्ट्रेट कराने से स्कैलप पर नैचुरल ऑइल तक नहीं बचता। जिसके चलते स्कैल्प ड्राई हो जाता है और उसमें खुजली होने लगती है।
  • इतना ही नहीं समस्या बढ़ भी सकती है जिससे स्किन पर परत जमने लगती है और डैंड्रफ होने का खतरा रहता है।

हेयर स्ट्रेटनिंग करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

  • हमेशा ध्यान रखएं हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करने से पहले बालों में हीट प्रोटेक्टेंट जरूर लगाएं। ये आपके बालों को डैमेज होने से बचाएगा।
  • बालों को हर दिन स्ट्रेट न करें। इसके बजाय हफ्ते में दो बार स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करें जिससे बाल कम डैमेज हो।
  • भूलकर भी गीले बालों में स्ट्रेटनर का इस्तेमाल न करें।
  • जब भी बालों को स्ट्रेट करें तो टेंपरेचर को लो या मीडियम सेटिंग पर रखें।
लखनऊ। अगर आप भी रोजाना ऑफिस या कॉलेज जाते समय बालों को स्ट्रेट करती हैं तो यह आपके बालों के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। दरअसल हेयर स्ट्रेट कराने से आपके बाल काफी ड्राई हो जाते हैं। आपको बता दें कि बालों को आप चाहे स्ट्रेटनर से स्ट्रेट करें या केमिकल से इन दोनों ही तरीको से आपके बालों का नैचुरल ऑयल खत्म हो जाता है और बाल काफी ड्राई और रफ हो जाते हैं।बालों को आप चाहे प्रेसिंग मशीन या फिर केेमिकल ट्रीटमेंट से स्ट्रेट करवाए, दोनों में ही बालों की जड़े कमजोर हो जाती है और यह आसानी से टूटने लगते हैं। इसके अलावा बालों में स्प्लिट एंड्स की समस्या भी बढ़ जाती है।
  • स्ट्रेटनिंग के कारण हेयर फॉल होने लगता है।
  • हेयर स्ट्रेट कराने से स्कैलप पर नैचुरल ऑइल तक नहीं बचता। जिसके चलते स्कैल्प ड्राई हो जाता है और उसमें खुजली होने लगती है।
  • इतना ही नहीं समस्या बढ़ भी सकती है जिससे स्किन पर परत जमने लगती है और डैंड्रफ होने का खतरा रहता है।
हेयर स्ट्रेटनिंग करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
  • हमेशा ध्यान रखएं हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करने से पहले बालों में हीट प्रोटेक्टेंट जरूर लगाएं। ये आपके बालों को डैमेज होने से बचाएगा।
  • बालों को हर दिन स्ट्रेट न करें। इसके बजाय हफ्ते में दो बार स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करें जिससे बाल कम डैमेज हो।
  • भूलकर भी गीले बालों में स्ट्रेटनर का इस्तेमाल न करें।
  • जब भी बालों को स्ट्रेट करें तो टेंपरेचर को लो या मीडियम सेटिंग पर रखें।