सिमी आतंकी एनकाउंटर: मुठभेड़ को लेकर उठे कई सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के केंद्रीय जेल से फरार होने के कुछ ही घंटों के भीतर प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आठ आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया जाना और इसको लेकर पुलिस द्वारा दिया जा रहा ब्योरा सवालों के घेरे में है। मुठभेड़ को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका पुलिस और सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब न आने से सवाल उठाने वालों की बात को बल मिल रहा है।

सरकार की ओर से दिए जा रहे तर्को पर भरोसा किया जाए तो एक बात जरूर सामने आती है कि आतंकियों के कपड़े कैसे बदल गए, क्योंकि आतंकी जीन्स, टीशर्ट और आकर्षक शर्ट पहनने हुए थे। उनके पास स्पोर्ट्स शूज कैसे आ गए। योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देने वाले आतंकी एक साथ कैसे रहे।




सवाल उठ रहा है कि आतंकी अपनी बैरक से बाहर कैसे आए, इस पर राज्य के प्रमुख सचिव (जेल) विनोद सेमवाल का कहना है कि यह जेल से जुड़े लोगों की मिलीभगत के बगैर संभव हो नहीं सकता। आशय साफ है कि आतंकी जेल के अफसरों की मदद से फरार हुए।




वीडियो आया सामने–

वहीं दूसरी ओर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें पुलिस का जवान एक आतंकी की जेब से चाकू निकालते देखा जा रहा है। उधर, गांव वालों ने बताया कि आतंकी पहाड़ी पर थे और पथराव कर रहे थे। उनके हाथ में डंडा भी था। गांव वालों ने उन्हें कोई आग्नेय हथियार चलाते नहीं देखा।

तमाम सवालों पर पानी डालते हुए राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि जो मारे गए, वे खूंखार आतंकी थे, सभी के लिए खतरा थे। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।