कुमार सानू को पहली स्टेज परफॉर्मेंस पर पिता से पड़ी थी मार, जानिये वजह!

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कुमार सानू को पहली स्टेज परफॉर्मेंस पर पिता से पड़ी थी मार, जानिये वजह!

नई दिल्ली। 90 के दशक में कुमार सानू ने लोगों को अपने गानों पर खूब झुमाया। उन्होंने कई फिल्मों के गानों को अपनी आवाज देकर सभी को दीवाना बना लिया। लेकिन कुमार सानू का सिंगिंग करियर इतना आसान नहीं रहा। दरअसल, सानू मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में पहुंचे थे जहां उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों के कई किस्सों को दर्शकों संग शेयर किया।

Singer Kumar Sanu Reveals That His Father Slapped In First Stage Performance :

कुमार सानू ने इसका जिक्र कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में किया है। उन्होंने कहा, ‘मेरा डेब्यू परफॉर्मेन्स रेलवे ट्रैक पर था जहां एक माफियागैंग के सामने मुझे कुछ हिंदी गानों को गाने के लिए कहा गया था और उस वक्त वहां करीब 20,000 लोग मौजूद थे।’

कुमार सानू ने आगे कहा, ‘मैं डर-डर के गाया और नाचा भी, खुशकिस्मती से उन्होंने इसे पसंद भी किया, लेकिन मेरे पिता जो कि एक रूढ़िवादी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं, उन्हें जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने मुझे एक जोर का तमाचा मारा और कहा कि यह गाने का कोई तरीका नहीं है।’

बताते चलें कि सानू को पहला ब्रेक कंपोजर जोड़ी नदीम श्रवण ने महेश भट्ट की फिल्म आशिकी के लिए दिया था। यह फिल्म 1990 में रिलीज हुई थी। सानू ने अपने गानों से लगभग तीन दशक तक फिल्मी दुनिया का मनोरंजन किया। इस दौरान उन्होंने कई हिट सॉन्ग दिए जिसमें दिल है कि मानता नहीं, तुम्हें अपना बनाने की कसम, ये काली काली आंखें, लाल दुपट्टे वाली तेरा नाम तो बता और लड़की बड़ी अंजानी है जैसे गाने शामिल हैं।

नई दिल्ली। 90 के दशक में कुमार सानू ने लोगों को अपने गानों पर खूब झुमाया। उन्होंने कई फिल्मों के गानों को अपनी आवाज देकर सभी को दीवाना बना लिया। लेकिन कुमार सानू का सिंगिंग करियर इतना आसान नहीं रहा। दरअसल, सानू मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में पहुंचे थे जहां उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों के कई किस्सों को दर्शकों संग शेयर किया। कुमार सानू ने इसका जिक्र कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में किया है। उन्होंने कहा, 'मेरा डेब्यू परफॉर्मेन्स रेलवे ट्रैक पर था जहां एक माफियागैंग के सामने मुझे कुछ हिंदी गानों को गाने के लिए कहा गया था और उस वक्त वहां करीब 20,000 लोग मौजूद थे।'
कुमार सानू ने आगे कहा, 'मैं डर-डर के गाया और नाचा भी, खुशकिस्मती से उन्होंने इसे पसंद भी किया, लेकिन मेरे पिता जो कि एक रूढ़िवादी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं, उन्हें जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने मुझे एक जोर का तमाचा मारा और कहा कि यह गाने का कोई तरीका नहीं है।' बताते चलें कि सानू को पहला ब्रेक कंपोजर जोड़ी नदीम श्रवण ने महेश भट्ट की फिल्म आशिकी के लिए दिया था। यह फिल्म 1990 में रिलीज हुई थी। सानू ने अपने गानों से लगभग तीन दशक तक फिल्मी दुनिया का मनोरंजन किया। इस दौरान उन्होंने कई हिट सॉन्ग दिए जिसमें दिल है कि मानता नहीं, तुम्हें अपना बनाने की कसम, ये काली काली आंखें, लाल दुपट्टे वाली तेरा नाम तो बता और लड़की बड़ी अंजानी है जैसे गाने शामिल हैं।