एकल अभियान परिवर्तन कुंभ में राजनाथ सिंह बोले- इससे राष्ट्र उत्थान हो रहा है

Rajnath singh
एकल अभियान परिवर्तन कुंभ में राजनाथ सिंह बोले- इससे राष्ट्र उत्थान हो रहा है

लखनऊ। परिवर्तन महाकुंभ में शामिल होने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ पहुंचे। 16 फरवरी से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह में राजनाथ सिंह ने कहा कि एकल अभियान बहुत बड़ा राष्ट्रीय दायित्व निभा रहे हैं।रक्षा मंत्री ने कहा कि 15 दिन पहले मुझे इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली थी। आम तौर पर नेता इसके कार्यक्रमों को लेकर टालमटोल करते हैं। मेरी भी आज काफी व्यस्तता थी। मगर इस कार्यक्रम के लिए मैंने सहज सहमति दी। जिसका सबसे बड़ा कारण था कि एकल अभियान से राष्ट्र उत्थान हो रहा है।

Single Campaign Change Rajnath Singh Said In Kumbh This Is Uplifting The Nation :

राजनाथ सिंह ने कहा आप लखनऊ में हैं और मैं यहां का सांसद हूं, इसलिए मुझे यहां आना जरूरी था। मैं सबका यहां अभिनन्दन करता हूं। गांव, आदिवासी और वनवासी इलाकों में रहना बहुत कठिन तपस्या है। नक्सली इलाकों में बड़े-बड़े दिलेर लोगों की हिम्मत जाने की नहीं होती है। आप एकल अभियान वहां भी चला रहे हैं। आप केवल ज्ञान नहीं देते संस्कार भी देते हैं। जिस व्यक्ति को हम संस्कारित करना चाहते हैं उसी की भाषा मे कर सकते हैं। ये ही दायित्व आप निभा रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि नये भारत का निर्माण शिक्षा से ही संभव है। 2022 तक नए भारत के निर्माण में भी आप (एकल अभियान) भूमिका निभा रहे हैं। ज्ञान से ही महान नहीं होता है। ज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। रावण तो अधिक ज्ञानी और बलवान था। मृत्यु पर विजय भी प्राप्त की थी, लेकिन पूजा भगवान राम की होती है। अंतर संस्कार और चरित्र का है। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए संस्कारित भी होना पड़ेगा। एकल अभियान के जरिए ये काम किया जा रहा है।

राजनाथ ने कहा कि अब मैं बात करूंगा कि हम राजनैतिक लोग कैसे योगदान कर सकते हैं? ये भी सोचना होगा। मैं इस पर काम करूंगा। हमारे देश के पीएम डिजिटलाइजेशन करना चाहते हैं। जिसके लिए शब्द-ज्ञान आवश्यक है। एक लाख विद्यालय हैं और 28 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। यह महान बात है। आप जहां काम करते हैं, वहां धर्मांतरण का संकट है। जो जिस धर्म का पालन कर रहा है उसे आजादी है। मगर प्रलोभन और डराकर धर्म परिवर्तन करवाने वाले महापाप कर रहे हैं। ये अभियान ही धर्मांतरण रोक पाएगा। बहुत सारी विदेश ताकतें हमें तोड़ना चाहती हैं। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए शिक्षा और संस्कार बहुत जरूरी हैं।

लखनऊ। परिवर्तन महाकुंभ में शामिल होने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ पहुंचे। 16 फरवरी से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह में राजनाथ सिंह ने कहा कि एकल अभियान बहुत बड़ा राष्ट्रीय दायित्व निभा रहे हैं।रक्षा मंत्री ने कहा कि 15 दिन पहले मुझे इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली थी। आम तौर पर नेता इसके कार्यक्रमों को लेकर टालमटोल करते हैं। मेरी भी आज काफी व्यस्तता थी। मगर इस कार्यक्रम के लिए मैंने सहज सहमति दी। जिसका सबसे बड़ा कारण था कि एकल अभियान से राष्ट्र उत्थान हो रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा आप लखनऊ में हैं और मैं यहां का सांसद हूं, इसलिए मुझे यहां आना जरूरी था। मैं सबका यहां अभिनन्दन करता हूं। गांव, आदिवासी और वनवासी इलाकों में रहना बहुत कठिन तपस्या है। नक्सली इलाकों में बड़े-बड़े दिलेर लोगों की हिम्मत जाने की नहीं होती है। आप एकल अभियान वहां भी चला रहे हैं। आप केवल ज्ञान नहीं देते संस्कार भी देते हैं। जिस व्यक्ति को हम संस्कारित करना चाहते हैं उसी की भाषा मे कर सकते हैं। ये ही दायित्व आप निभा रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि नये भारत का निर्माण शिक्षा से ही संभव है। 2022 तक नए भारत के निर्माण में भी आप (एकल अभियान) भूमिका निभा रहे हैं। ज्ञान से ही महान नहीं होता है। ज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। रावण तो अधिक ज्ञानी और बलवान था। मृत्यु पर विजय भी प्राप्त की थी, लेकिन पूजा भगवान राम की होती है। अंतर संस्कार और चरित्र का है। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए संस्कारित भी होना पड़ेगा। एकल अभियान के जरिए ये काम किया जा रहा है। राजनाथ ने कहा कि अब मैं बात करूंगा कि हम राजनैतिक लोग कैसे योगदान कर सकते हैं? ये भी सोचना होगा। मैं इस पर काम करूंगा। हमारे देश के पीएम डिजिटलाइजेशन करना चाहते हैं। जिसके लिए शब्द-ज्ञान आवश्यक है। एक लाख विद्यालय हैं और 28 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। यह महान बात है। आप जहां काम करते हैं, वहां धर्मांतरण का संकट है। जो जिस धर्म का पालन कर रहा है उसे आजादी है। मगर प्रलोभन और डराकर धर्म परिवर्तन करवाने वाले महापाप कर रहे हैं। ये अभियान ही धर्मांतरण रोक पाएगा। बहुत सारी विदेश ताकतें हमें तोड़ना चाहती हैं। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए शिक्षा और संस्कार बहुत जरूरी हैं।