पत्रकार हत्याकांड: राम रहीम दोषी करार, 17 को सुनाई जाएगी सजा

ram rahim
पत्रकार हत्या मामला: राम रहीम को उम्र कैद की सजा

नई दिल्ली। हरियाणा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत ने दोषी करार दिया है। 17 जनवरी को चारों को सजा सुनाई जाएगी। 2 जनवरी को सीबीआई कोर्ट ने 16 साल पुराने इस मामले के आरोपी गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। 2003 में इस हत्‍याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और 2006 में राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह के बयानों के बाद डेरा प्रमुख का नाम भी शामिल किया गया था।

Sirsa Journalist Ram Chandra Chattrapati Murder Case Cbi Court Verdict :

जेल, डेरा और कोर्ट बने छावनी

पंचकुला हिंसा से सबक लेते हुए हरियाणा पुलिस इस बार खासी चौकसी बरत रही है। इसी के मद्देनजर पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसी तरह से हरियाणा के रोहतक जिले में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। खासकर रोहतक की सुनारिया जेल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। इसी तरह से सिरसा के डेरा सच्चा सौदा को भी छावनी बना दिया गया है। सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों ने वहां फ्लैगमार्च भी किया।

रामचंद्र के जरिए ही यौन शोषण मामला सामने आया था

साध्वी यौन शोषण मामले में जो लेटर लिखे गए थे, उन्हीं के आधार पर रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में खबरें प्रकाशित की थीं। छत्रपति पर पहले दबाव बनाया गया। जब वे धमकियों के आगे नहीं झुके तो 24 अक्टूबर 2002 को उन पर हमला कर दिया गया। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

ऐसे दिया गया था हत्या को अंजाम

बाइक पर आए कुलदीप ने गोली मारकर रामचंद्र की हत्या कर दी थी। उसके साथ निर्मल भी था। जिस रिवॉल्वर से रामचंद्र पर गोलियां चलाई गईं, उसका लाइसेंस डेरा सच्चा सौदा के मैनेजर कृष्ण लाल के नाम पर था। गुरमीत राम रहीम पर हत्या की साजिश रचने का आरोप था। राम रहीम फिलहाल दो साध्वियों से यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहा है।

नई दिल्ली। हरियाणा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत ने दोषी करार दिया है। 17 जनवरी को चारों को सजा सुनाई जाएगी। 2 जनवरी को सीबीआई कोर्ट ने 16 साल पुराने इस मामले के आरोपी गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। 2003 में इस हत्‍याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और 2006 में राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह के बयानों के बाद डेरा प्रमुख का नाम भी शामिल किया गया था।

जेल, डेरा और कोर्ट बने छावनी

पंचकुला हिंसा से सबक लेते हुए हरियाणा पुलिस इस बार खासी चौकसी बरत रही है। इसी के मद्देनजर पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसी तरह से हरियाणा के रोहतक जिले में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। खासकर रोहतक की सुनारिया जेल को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। इसी तरह से सिरसा के डेरा सच्चा सौदा को भी छावनी बना दिया गया है। सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों ने वहां फ्लैगमार्च भी किया।

रामचंद्र के जरिए ही यौन शोषण मामला सामने आया था

साध्वी यौन शोषण मामले में जो लेटर लिखे गए थे, उन्हीं के आधार पर रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में खबरें प्रकाशित की थीं। छत्रपति पर पहले दबाव बनाया गया। जब वे धमकियों के आगे नहीं झुके तो 24 अक्टूबर 2002 को उन पर हमला कर दिया गया। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

ऐसे दिया गया था हत्या को अंजाम

बाइक पर आए कुलदीप ने गोली मारकर रामचंद्र की हत्या कर दी थी। उसके साथ निर्मल भी था। जिस रिवॉल्वर से रामचंद्र पर गोलियां चलाई गईं, उसका लाइसेंस डेरा सच्चा सौदा के मैनेजर कृष्ण लाल के नाम पर था। गुरमीत राम रहीम पर हत्या की साजिश रचने का आरोप था। राम रहीम फिलहाल दो साध्वियों से यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहा है।