Article370: सीताराम येचुरी को कश्‍मीर जाने की मिली सशर्त इजाजत

sita ram
Article370: सीताराम येचुरी को कश्‍मीर जाने की मिली सशर्त इजाजत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी को जम्‍मू कश्‍मीर दौरे की सशर्त इजाजत दी है। यह इजाजत चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, एस अब्दु्ल नजीर और जस्टिस एसए बोबडे की बेंच ने दिया है। सीताराम येचुरी ने अपनी पार्टी के विधायक एमवाई तरिगामी से मिलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया है।

Sitaram Yechury Supreme Court Chief Justice Jammu Kashmir Visit Article 370 :

येचुरी ने ट्वीट कर कहा,’सुप्रीम कोर्ट ने मुझे श्रीनगर जाने की इजाजत दी है और युसुफ तारीगामी से मुलाकात कर उनके स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में वापस जानकारी देने को कहा है। उनसे मिलने के बाद मैं कोर्ट को रिपोर्ट सौंप दूंगा।’

येचुरी की याचिका 19 अगस्त को दर्ज कराई गई थी। पिछले शुक्रवार को जस्टिस एनवी रमना के समक्ष मामले को रखा गया और उन्होंने आदेश दिया था कि सोमवार, 26 अगस्त को इसपर सुनवाई होगी जो नहीं हो पाई।

सीपीएम सदस्य तारीगामी को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 रद करने के दौरान विभिन्न विपक्षी नेताओं के साथ हिरासत में ले लिया गया था। तारीगामी सीपीएम की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं और जम्मू कश्मीर की भंग विधानसभा में चार बार सदस्य रह चुके हैं।

जामिया के स्टूडेंट को अनंतनाग जाने की अनुमति मिली

जामिया के स्टूडेंट मोहम्मद अलीम सैयद को अपने परिवार से मिलने के लिए अनंतनाग जाने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने दी। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहा और उसे पैरंट्स से मिलना है। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘आप अपने पैरंट्स का हाल जानने के लिए अनंतनाग जाने की अनुमति दी जाती है।’ घर से लौटकर दिल्ली आने के बाद याचिकाकर्ता को ऐफिडेविट फाइल करने का निर्देश भी कोर्ट ने दिया।

चीफ जस्टिस ने कहा, ‘नागरिक को किसी क्षेत्र में जाने से नहीं रोक सकते’

याचिका की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि भारत के नागरिक के तौर पर प्रत्येक नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में भ्रमण की आजादी है। बता दें कि कुछ दिन पहले भी सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि कश्मीर में हालात ठीक करने के लिए कोर्ट सरकार को कुछ और वक्त देना चाहती है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी को जम्‍मू कश्‍मीर दौरे की सशर्त इजाजत दी है। यह इजाजत चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, एस अब्दु्ल नजीर और जस्टिस एसए बोबडे की बेंच ने दिया है। सीताराम येचुरी ने अपनी पार्टी के विधायक एमवाई तरिगामी से मिलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया है। येचुरी ने ट्वीट कर कहा,'सुप्रीम कोर्ट ने मुझे श्रीनगर जाने की इजाजत दी है और युसुफ तारीगामी से मुलाकात कर उनके स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में वापस जानकारी देने को कहा है। उनसे मिलने के बाद मैं कोर्ट को रिपोर्ट सौंप दूंगा।' येचुरी की याचिका 19 अगस्त को दर्ज कराई गई थी। पिछले शुक्रवार को जस्टिस एनवी रमना के समक्ष मामले को रखा गया और उन्होंने आदेश दिया था कि सोमवार, 26 अगस्त को इसपर सुनवाई होगी जो नहीं हो पाई। सीपीएम सदस्य तारीगामी को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 रद करने के दौरान विभिन्न विपक्षी नेताओं के साथ हिरासत में ले लिया गया था। तारीगामी सीपीएम की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं और जम्मू कश्मीर की भंग विधानसभा में चार बार सदस्य रह चुके हैं। जामिया के स्टूडेंट को अनंतनाग जाने की अनुमति मिली जामिया के स्टूडेंट मोहम्मद अलीम सैयद को अपने परिवार से मिलने के लिए अनंतनाग जाने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने दी। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहा और उसे पैरंट्स से मिलना है। चीफ जस्टिस ने कहा, 'आप अपने पैरंट्स का हाल जानने के लिए अनंतनाग जाने की अनुमति दी जाती है।' घर से लौटकर दिल्ली आने के बाद याचिकाकर्ता को ऐफिडेविट फाइल करने का निर्देश भी कोर्ट ने दिया। चीफ जस्टिस ने कहा, 'नागरिक को किसी क्षेत्र में जाने से नहीं रोक सकते' याचिका की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि भारत के नागरिक के तौर पर प्रत्येक नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में भ्रमण की आजादी है। बता दें कि कुछ दिन पहले भी सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि कश्मीर में हालात ठीक करने के लिए कोर्ट सरकार को कुछ और वक्त देना चाहती है।