गोरखपुर मण्डल के चार जिले में इंसेफेलाइटिस से 16 मौतें, 130 मरीज मिले

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गोरखपुर मण्डल के चार जिले में इंसेफेलाइटिस से 16 मौतें, 130 मरीज मिले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में के चार जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) दस्तक दे चुका है। इन 4 जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से 19 जून तक 16 मौतें हुई हैं। सबसे ज्यादा 6-6 मौतें गोरखपुर और कुशीनगर में हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मरीज कुशीनगर और महराजगंज में मिले हैं। देवरिया में मरीजों की संख्या कम है।
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Sixteenth Deaths From Encephalitis 130 Patients Found In Gorakhpur Mandal :

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के अधिकारिक आकड़ों पर नज़र डाले तो गोरखपुर में मई से 19 जून के बीच जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से ग्रसित 130 मरीज मिले हैं। जबकि 20 जून से 22 जून तक भर्ती मरीजों के साथ मरने वालों की संख्या का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

गोरखपुर मंडल के चार जिलों में जो मरीज मिले हैं, उनमें से 80 फीसदी का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक जन जागरूकता, साफ-सफाई और टीकाकरण से जेई, एईएस का प्रकोप कम हुआ है। एक जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत हो रही है।

इसके तहत बच्चों को जेई का टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण अभियान 25 जुलाई तक चलेगा। इसका भी सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। टीकाकरण से जेई के मरीजों की संख्या कम हुई है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में के चार जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) दस्तक दे चुका है। इन 4 जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से 19 जून तक 16 मौतें हुई हैं। सबसे ज्यादा 6-6 मौतें गोरखपुर और कुशीनगर में हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मरीज कुशीनगर और महराजगंज में मिले हैं। देवरिया में मरीजों की संख्या कम है। विज्ञापन स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के अधिकारिक आकड़ों पर नज़र डाले तो गोरखपुर में मई से 19 जून के बीच जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से ग्रसित 130 मरीज मिले हैं। जबकि 20 जून से 22 जून तक भर्ती मरीजों के साथ मरने वालों की संख्या का अभी खुलासा नहीं किया गया है। गोरखपुर मंडल के चार जिलों में जो मरीज मिले हैं, उनमें से 80 फीसदी का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक जन जागरूकता, साफ-सफाई और टीकाकरण से जेई, एईएस का प्रकोप कम हुआ है। एक जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत हो रही है। इसके तहत बच्चों को जेई का टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण अभियान 25 जुलाई तक चलेगा। इसका भी सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। टीकाकरण से जेई के मरीजों की संख्या कम हुई है।