आज है नवरात्रि का छठा दिन, ऐसे करें मां कात्यायनी की पूजा

आज है नवरात्रि का छठा दिन, ऐसे करें मां कात्यायनी की पूजा
आज है नवरात्रि का छठा दिन, ऐसे करें मां कात्यायनी की पूजा

लखनऊ। इनदिनों पूरे देशभर में नवरात्र के त्योहार की रौनक देखने को मिल रही है। भक्तजन माता की पूजा पूरी आस्था और विश्वास के साथ करते हैं। नवरात्र के नौ दिनों में देवी कात्यायनी मां दुर्गा का छठा अवतार है। कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इन्हें कात्यायनी के नाम से जाना जाता है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी पूरे श्रद्धा भाव पूजी जाती हैं।

Sixth Day Of Navratra Devi Katyayini Form Of Durga Worship Method :

मां कात्यायनी का स्वरूप

  • मां कात्यायनी के स्वरूप की बात की जाए तो देवी का शरीर सोने जैसा सुनहरा और चमकदार है।
  • मां 4 भुजाधारी और सिंह पर सवार हैं।
  • मां के एक हाथ में तलवार और दूसरे हस्त में कमल का पुष्प धारण किया हुआ है।
  • अन्य दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में हैं।

मां की पूजा से पूर्ण होगी मनोकामना  

  • कन्याओं के शीघ्र विवाह के लिए इनकी पूजा अद्भुत मानी जाती है।
  • मनचाहे विवाह और प्रेम विवाह के लिए भी इनकी उपासना की जाती है।
  • वैवाहिक जीवन के लिए भी इनकी पूजा फलदायी होती है।
  • अगर कुंडली में विवाह के योग क्षीण हों तो भी विवाह हो जाता है।

से करें मां कात्यायनी की पूजा

गोधूलि बेला के समय पीले अथवा लाल वस्त्र धारण करके इनकी पूजा करनी चाहिए।

इनको पीले फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें। मां को शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है।

मां को सुगन्धित पुष्प अर्पित करने से शीघ्र विवाह के योग बनेंगे साथ ही प्रेम संबंधी बाधाएं भी दूर होंगी।

इसके बाद मां के समक्ष उनके मन्त्रों का जाप करें।

 मां कात्यायनी का मन्त्र  

कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी।

नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।”

लखनऊ। इनदिनों पूरे देशभर में नवरात्र के त्योहार की रौनक देखने को मिल रही है। भक्तजन माता की पूजा पूरी आस्था और विश्वास के साथ करते हैं। नवरात्र के नौ दिनों में देवी कात्यायनी मां दुर्गा का छठा अवतार है। कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इन्हें कात्यायनी के नाम से जाना जाता है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी पूरे श्रद्धा भाव पूजी जाती हैं।

मां कात्यायनी का स्वरूप

  • मां कात्यायनी के स्वरूप की बात की जाए तो देवी का शरीर सोने जैसा सुनहरा और चमकदार है।
  • मां 4 भुजाधारी और सिंह पर सवार हैं।
  • मां के एक हाथ में तलवार और दूसरे हस्त में कमल का पुष्प धारण किया हुआ है।
  • अन्य दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में हैं।

मां की पूजा से पूर्ण होगी मनोकामना  

  • कन्याओं के शीघ्र विवाह के लिए इनकी पूजा अद्भुत मानी जाती है।
  • मनचाहे विवाह और प्रेम विवाह के लिए भी इनकी उपासना की जाती है।
  • वैवाहिक जीवन के लिए भी इनकी पूजा फलदायी होती है।
  • अगर कुंडली में विवाह के योग क्षीण हों तो भी विवाह हो जाता है।

से करें मां कात्यायनी की पूजा

गोधूलि बेला के समय पीले अथवा लाल वस्त्र धारण करके इनकी पूजा करनी चाहिए।

इनको पीले फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें। मां को शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है।

मां को सुगन्धित पुष्प अर्पित करने से शीघ्र विवाह के योग बनेंगे साथ ही प्रेम संबंधी बाधाएं भी दूर होंगी।

इसके बाद मां के समक्ष उनके मन्त्रों का जाप करें।

 मां कात्यायनी का मन्त्र  

"कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी।

नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।"