500 और 1000 के नोटों ने उड़ाई मायावती की नींद, बुलाई प्रत्याशियों की बैठक

लखनऊ। पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रूपए के नोटों की प्रमाणिकता को रद्द किए जाने का असर सबसे पहले यूपी की सियासत में देखने को मिला है। सूत्रों के मुताबिक यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने 8 नवंबर को देर रात अपने मुख्य सलाहकार नसीमु​द्दीन सिद्दीकि और सतीश चन्द्र मिश्रा से मुलाकात की और आनन फानन में गुरूवार की दोपहर पार्टी के प्रत्याशियों की बैठक भी बुला डाली।




बताया जा रहा है कि बसपा के प्रदेश कार्यालय पर प्रत्याशियों की बैठक बुलाई गई थी। जहां शाम करीब 5 बजे मायावती ने पार्टी के प्रत्याशियों से बातचीत कर कुछ अहम निर्देश दिए। हालांकि इस बैठक के दौरान एक विशेष बात यह देखने को मिली कि जिस बीएसपी कार्यालय में अब तक केवल तीन नेताओं की गाड़ी को प्रवेश दिया जाता था, उसी कार्यालय का मुख्य द्वार सभी प्रत्याशियों की गाड़ियों के लिए खोल दिए गए।

बीएसपी प्रदेश कार्यालय के भीतर प्रत्याशियों की गाड़ियों के जाने के बाद ऐसी खबरें बाहर आ रहीं हैं कि मायावती ने टिकट के बदले लिए गए नोटों की ग​ड्डियां वापस लौटाने के लिए पार्टी प्रत्याशियों को बुलाया था, जिसे बैठक का नाम दिया गया था। पार्टी कार्यालय के भीतर ही नोटों से भरे बैग प्रत्याशियों की गाड़ियों में रखवाए जाने थे इसीलिए उन्हें कार्यालय में प्रवेश दिया गया था।




सूत्रों के मुताबिक बीएसपी ने अपने प्रत्याशियों से पुरानी करेंसी बदले नई करेंसी मांगी है। यह काम बेहद गोपनीय तरीके से किया गया लेकिन जब बीएसपी कार्यालय के बाहर प्रत्याशियों की गाड़ियों का तांता लगना शुरू हुआ तो कुछ प्रत्याशियों ने इसे बैठक का नाम दे दिया।

टीम पर्दाफाश ने जब बीएसपी के एक प्रत्याशी से मुलाकात करने के लिए समय मांगा तो नेता जी ने समय कम होने का हवाला देते हुए कहा कि बहन जी से मुलाकात के बाद ही वह लखनऊ ने रवाना हो गए हैं। उनके साथ समर्थक भी आए हुए हैं इसलिए वह इस बार मुलाकात नहीं कर पाएंगे।

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