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स्मार्ट मीटर घोटालाः ‘ब्लैक लिस्ट‘ कंपनियों पर मेहरबान रहे पावर काॅरपोरेशन के अधिकारी, दागियों के लिए नियमों को किया दरकिनार

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार जीरो टाॅलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सीएम योगी लगातार भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई कर रहे हैं। लेकिन पाॅवर काॅरपोरेशन के कुछ अधिकारियों की करतूत से यूपी में स्मार्ट मीटर घोटाला हुआ। अब इस घोटाले में बिजली विभाग के कई बड़े अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। एसटीएफ जांच में खुलासा हुआ है कि यूपी में ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की आड़ में मीटर सप्लाई का काम दिया गया।

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इसमें पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही। सूत्रों की माने तो, स्मार्ट मीटर घोटाले की जांच कर रही यूपी एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट मंे कहा है कि स्मार्ट मीटर की सप्लाई भारत सरकार के उपक्रम ईईएसएल को दी गई थी। ईईएसएल ने उन कंपनियों के स्मार्ट मीटर खरीद कर सप्लाई किए, जिन्हें यूपी में ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका था।

सूत्रों की माने तो एसटीएफ ने अंदेशा जताया है कि इन दागी कंपनियों से ही स्मार्ट खरीदने के लिए ईईएसएल को इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर के संचालन के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर को भी बिना टेस्टिंग के ही लागू कर दिया गया। वहीं, इस पूरे मामले में पावर काॅरपोरेशन के अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में रही है।

इतना ही नहीं, स्मार्ट मीटर के सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग के बिना उसे शुरू करने के साथ ईईएसएल को भुगतान भी किया जाने लगा, जो नियमों के खिलाफ था। एसटीएफ ने इसके लिए पावर कॉरपोरेशन के साथ ईईएसएल के जिम्मेदार अधिकारियों को दोषी ठहराया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।

 

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