तो इसलिए मौत के बाद शव पर लगाया जाता है लेप …

Dead body in a mortuary
Dead body in a mortuary

जीवन और मृत्यु आत्मा और परमात्मा को पाने के दो पहलू हैं। जिसे जिंदगी मिली है उसकी मौत निश्चित है। लेकिन क्या आपको पता है कि मौत होने के बाद शव पर लेप क्यों लगाया जाता है। आइये आज हम बताते हैं कि मरने के बाद शव पर लेप क्यों लगाते हैं।

So The Paste Is Placed On The Dead Body :

यदि किसी इंसान के मौत के बाद उसके शव को किन्हीं कारणों के चलते ज्यादा देर तक रखते हैं तो, शव को सड़ने का डर होता है। जिससे बचने के लिए शव पर लेप लगाया जाता है। इसके अलावा इसे इसलिए भी लगाया जाता है, ताकि शव से से बदबू न आये और न ही किसी भी तरह का इंफेक्शन होने का डर हो। इस लेप को एम्बामिंग फल्यूड कहा जाता है।

बता दें कि शव में लगाये गये लेप में कई तरह के केमिकल्स और डिसइंफेक्टेंट को मिलाया जाता है। इस लेप को बनाने के लिए फॉर्मलडिहाइड, ग्लुटाराल्दहाइड, मिथेनॉल का इस्तेमाल होता है। जिसमें सबसे ज्यादा मात्र में मेथेनॉल मिलाया जाता है। जो शव को सड़ने से बचाता है। क्योंकि शव को ज्यादा समय तक रखने से शव में बैक्टीरिया पैदा हो जाता है, जो दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए शव में लेप लगाया जाता है।

जीवन और मृत्यु आत्मा और परमात्मा को पाने के दो पहलू हैं। जिसे जिंदगी मिली है उसकी मौत निश्चित है। लेकिन क्या आपको पता है कि मौत होने के बाद शव पर लेप क्यों लगाया जाता है। आइये आज हम बताते हैं कि मरने के बाद शव पर लेप क्यों लगाते हैं।यदि किसी इंसान के मौत के बाद उसके शव को किन्हीं कारणों के चलते ज्यादा देर तक रखते हैं तो, शव को सड़ने का डर होता है। जिससे बचने के लिए शव पर लेप लगाया जाता है। इसके अलावा इसे इसलिए भी लगाया जाता है, ताकि शव से से बदबू न आये और न ही किसी भी तरह का इंफेक्शन होने का डर हो। इस लेप को एम्बामिंग फल्यूड कहा जाता है।बता दें कि शव में लगाये गये लेप में कई तरह के केमिकल्स और डिसइंफेक्टेंट को मिलाया जाता है। इस लेप को बनाने के लिए फॉर्मलडिहाइड, ग्लुटाराल्दहाइड, मिथेनॉल का इस्तेमाल होता है। जिसमें सबसे ज्यादा मात्र में मेथेनॉल मिलाया जाता है। जो शव को सड़ने से बचाता है। क्योंकि शव को ज्यादा समय तक रखने से शव में बैक्टीरिया पैदा हो जाता है, जो दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए शव में लेप लगाया जाता है।