जिराफ पर मंडरा रहा है विलुप्त होने का खतरा

So What Longest Animal Giraffe Will Soon Be Extinct

न्यूयार्क: ग्लोबल वार्मिग के गंभीर खतरों से आज समूची धरती बेतरह जूझ रही है। पर्यावरण असंतुलन के चलते धरती के वन्य जीव जंतुओं और वृक्ष-वनस्पतियों की अनेक दुर्लभ प्रजातियां आज विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी हैं। जीव वैज्ञानिकों का कहना है कि थलीय पशुओं में सबसे लंबे जानवर जिराफ पर अब विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। जिराफ को विलुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में डाला गया है। पिछले सिर्फ 30 वर्षो में जिराफ की संख्या लगभग 40 फीसदी तक कम हो गई है। वैज्ञानिकों ने इसे दुनिया की ऐसी विलुप्तप्राय प्रजातियों की आधिकारिक सूची में डाल दिया है जिन पर नजर रखने की आवश्यकता है और उन्होंने इसे ‘‘असुरक्षित स्थिति में’ बताया है।

‘‘अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ’ (आईयूसीएन) के अनुसार, वर्ष 1985 में जिराफों की संख्या 1,51,000 और 1,63,000 के बीच थी लेकिन वर्ष 2015 में इनकी संख्या घटकर 97,562 हो गई। मेक्सिको में जैव विविधता पर हुई बैठक में ‘‘आईयूसीएन’ ने संकटग्रस्त प्रजातियों की अपनी ‘‘रेड लिस्ट’ में शामिल सात प्रजातियों पर संकट के स्तर कमी होने और 35 प्रजातियों के संकट के स्तर में वृद्धि होने के बारे में बताया।




जिराफ को ‘‘आईयूसीएन’ की रेड लिस्ट में शामिल करने वाले जीव वैज्ञानिकों के विशेष समूह के सह अध्यक्षों जुलियन फेन्नेस्सी और नोएल कुम्पेल ने कहा कि हर कोई हाथियों को लेकर चिंतित है जबकि धरती पर जिराफ की तुलना में हाथियों की संख्या चौगुनी है। ‘‘जिराफ कंजव्रेशन फाउंडेशन’ के सह-निदेशक फेन्नेस्सी ने कहा, ‘‘हर किसी का मानना है कि जिराफ हर जगह हैं लेकिन ऐसा नहीं है।

गौरतलब है कि सभी तृणभक्षियों में जिराफ सबसे अधिक विलक्षण एवं आकर्षक है। वह संसार का सबसे ऊंचा जीव है। उसकी अधिकतम ऊंचाई ५.५ मीटर होती है। इस ऊंचाई का लगभग आधा उसकी मीनार जैसी लंबी गर्दन है। आश्चर्य की बात यह है कि इस लंबी गर्दन में भी हड्डियों की संख्या उतनी ही होती है जितनी कि हमारी या किसी भी स्तनधारी की गर्दन में होती है, यानी सात।




इस ऊंची गर्दन को संतुलित रखने के लिए जिराफ के आगे के दोनों पैर भी खूब लंबे होते हैं। इन पैरों के सिरे पर गाय-भैंस की तरह दो खुर होते हैं। जिराफ के सिर पर बालों से ढके दो छोटे सींग भी होते हैं। इन सींगों के भीतर हड्डियां नहीं होतीं। जिराफ की छोटी सी पूंछ के सिरे पर गाय की पूंछ के समान बालों का एक गुच्छा होता है।

न्यूयार्क: ग्लोबल वार्मिग के गंभीर खतरों से आज समूची धरती बेतरह जूझ रही है। पर्यावरण असंतुलन के चलते धरती के वन्य जीव जंतुओं और वृक्ष-वनस्पतियों की अनेक दुर्लभ प्रजातियां आज विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी हैं। जीव वैज्ञानिकों का कहना है कि थलीय पशुओं में सबसे लंबे जानवर जिराफ पर अब विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। जिराफ को विलुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में डाला गया है। पिछले सिर्फ 30 वर्षो में जिराफ की संख्या लगभग 40 फीसदी…