फौजी की पत्नी से दुष्कर्म का प्रयास, केन्द्रीय मंत्री ने की आरोपियों की पैरवी

तांत्रिक द्वारा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग पीड़िता ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ ग्रहण करने के बाद महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाई थी। इस स्क्वॉड के गठन का एकमात्र उद्देश्य महिलाओं को उत्तर प्रदेश में सुरक्षित माहौल देने का था। लेकिन महिलाओं की सुरक्षा का क्या स्तर है यह बात इस घटना से स्पष्ट होती नजर आ रही है। जिसमें अराजतत्वों के द्वारा मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास का शिकार हुई एक फौजी की पत्नी की शिकायत पर यूपी पुलिस कार्रवाई करने से डरती रही है। बताया जा रहा है कि आरोपियों की पैरवी के लिए केन्द्रीय मंत्री और स्थानीय विधायक पैरवी कर रहे हैं।

मामला बरेली के इज्जतनगर के बसंत बिहार इलाके का है। जहां शाम का खाना खाने के बाद घर के पास ही बने पार्क में अपनी भतीजी के साथ टहल रही फौजी की पत्नी के साथ नशे में धुत स्थानीय अराजक तत्वों ने सिर्फ गाली गलौच करते हुए मारपीट की बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई न करते हुए मामले को रफा दफा करने की कोशिश की।

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पीड़िता का आरोप है कि पुलिस की निक्रियता के चलते आरोपियों ने उसे तेजाब से जलाने की धमकी दी है। जिसके बाद उसने यूपी पुलिस की महिला हेल्पलाइन डॉयल 1090 पर शिकायत दर्ज करवा दी है।

फिलहाल आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि केन्द्रीय राज्यमंत्री संतोष गंगवार और विधायक केसर सिंह गंगवार ने आरोपियों की पैरवी के लिए फोन किया है। जिस वजह से पुलिस इस मामले को रफा दफा करने में जुटी है।

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