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कुछ ऐसे थे पढ़ाई मे तेजस्वी यादव, परिणाम आने से पहले गूगल सर्च में टॉप

Some Such Were Tejashwi Yadav In Studies Top In Google Search Before Results Came Out

By आराधना शर्मा 
Updated Date

बिहार: जैसा कि आप जानतें हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के नतीजे आज आ जाएगा और यह पता चल जाएगा कि कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री। आज वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है लेकिन उससे पहले गूगल सर्च में तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पीछे छोड़ दिया है।

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आपको बता दें, 10 नवंबर की रात 2:43 बजे से ही गूगल सर्च में तेजस्वी यादव नीतीश से आगे निकल चुके हैं। रात के करीब 2:43 बजे नीतीश का सर्च वॉल्यूम 9 था, तो तेजस्वी के लिए यही संख्या 43 थी।

गूगल सर्च मे आई तेजी

इससे यह साफ़ हो गया है कि नतीजे कुछ भी हों लेकिन तेजस्वी ने जनता का दिल जीत लिया है। आज सुबह 3 बजकर 55 मिनट पर भी नीतीश और तेजस्वी का सर्च वॉल्यूम क्रमशः 23 और 46 था और जैसे-जैसे वोट काउंटिंग का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे गूगल में तेजस्वी यादव के सर्चेज बढ़ रहे हैं। सुबह 6 बजकर 32 मिनट पर तेजस्वी और नीतीश कुमार के बीच सर्च का अंतर 52-17 था। अब बात करें गूगल ट्रेंड्स की तो उसके मुताबिक मेघालय में नीतीश और तेजस्वी के सर्चेज 50-50 हैं।

वहीं बिहार में नीतीश कुमार कीवर्ड का सर्च 46 फीसदी है, तो तेजस्वी का सर्च 54 फीसदी है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में तेजस्वी कीवर्ड का सर्च 62 फीसदी हो चुका है। इसके अलावा पंजाब में तेजस्वी का सर्च वॉल्यूम 70 फीसदी और नीतीश का 30 है। इसे देखकर ऐसा लग रहा है कि इस बार मामला गड़बड़ा सकता है और सब कुछ बदल सकता है।

ऐसा रहा करियर

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बिहार में पिता की राजनीतिक विरासत छोड़कर तेजस्वी ने दिल्ली में अपनी पढ़ाई-लिखाई शुरू की, हालांकि वे पढाई में नौंवीं कक्षा तक ही पढ़ पाए और क्रिकेट की तरफ कदम बढ़ा लिया। इसके बाद वे अंडर-15 टीम का हिस्सा बने, फिर झारखंड की तरफ से अंडर-19 टीम की तरफ से खेले और इसी दौरान आईपीएल के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स (आज की दिल्ली कैपिटल्स) से जुड़े।

तेजस्वी चार 2008-12 तक चार सीजन दिल्ली डेयरडेविल्स का हिस्सा रहे, हालांकि उन्हें कभी भी टीम की प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला। वे मध्यक्रम के बल्लेबाजी के अलावा वह गेंदबाजी भी करते थे।2010 में तेजस्वी ने राजनीति के मैदान में उतरकर अपने पिता के लिए बिहार चुनाव में प्रचार-प्रसार का जिम्मा संभाला। इस दौरान उनके पिता और उस वक्त के रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने संसद में कहा था कि उनके बेटे को आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला और उसने दूसरे खिलाड़ियों को मैदान में पानी पिलाया।

क्रिकेट मे करियर

तेजस्वी ने क्रिकेट के क्षेत्र में घरेलू क्रिकेट में कुछ मुकाबले खेले लेकिन प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए। वे झारखंड टीम की तरफ से 2009 में रांची में रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग में विदर्भ के खिलाफ खेलने उतरे थे। तब उन्होंने अपनी डेब्यू मैच की पहली पारी में सिर्फ 1 और दूसरी पारी में 19 रन बनाए थे। गेंदबाजी करते हुए उन्होंने पहली पारी में 5 ओवरों में बिना किसी विकेट के 17 रन दिए।

इसके अलावा तेजस्वी ने विजय हजारे ट्रॉफी में दो लिस्ट-ए मैच (घरेलू वनडे) और चार टी-20 मैच खेले। इस टूर्नामेंट में भी वो कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाए।  उन्होंने पहले मैच में ओडिशा के खिलाफ सिर्फ 9 रन बनाए। इसके बाद दूसरे मैच में त्रिपुरा के खिलाफ पांच रन बनाए और एक विकेट अपने नाम किया। इसके बाद उन्हें सईद मुश्ताक़ अली टी-20 टूर्नामेंट में भी मौक मिला, जिसमें उन्होंने एक मैच खेला। इसमें उन्होंने सिर्फ तीन रन बनाए और एक भी विकेट नहीं ले पाए।

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इसके अलावा तेजस्वी ने विजय हजारे ट्रॉफी में दो लिस्ट-ए मैच (घरेलू वनडे) और चार टी-20 मैच खेले। इस टूर्नामेंट में भी वो कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाए।  उन्होंने पहले मैच में ओडिशा के खिलाफ सिर्फ 9 रन बनाए। इसके बाद दूसरे मैच में त्रिपुरा के खिलाफ पांच रन बनाए और एक विकेट अपने नाम किया। इसके बाद उन्हें सईद मुश्ताक़ अली टी-20 टूर्नामेंट में भी मौक मिला, जिसमें उन्होंने एक मैच खेला। इसमें उन्होंने सिर्फ तीन रन बनाए और एक भी विकेट नहीं ले पाए।

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