इस दर्दनाक कहानी को पढ़ने के बाद आप भी कहेंगे भगवान ऐसा बेटा किसी को न दे

गोरखपुर। आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताएंगे जिसमे ये ‘पूत कपूत सुने है’ कहावत सच होती नजर आएगी। 102 साल की बूढी मां का कोई सहारा नहीं। इस बूढी मां की कहानी सुनने के बाद आप भी यही कहेंगे कि भगवान ऐसा बेटा किसी को भी न दे। ये घटना मध्य प्रदेश के रतलाम की रहने वाली गुलशन बाई की है। 5 दिन से ये बुजुर्ग महिला रेलवे स्टेशन पर इधर-उधर भटक रही जिनके पैर में घाव में कीड़े पड़ गए थे। पैर के घाव का बहना बताकर उसके बेटे ने कानपुर में छोटे भाई के पास छोड़ आता हूं वहां सही से इलाज हो जायेगा। बेटे की बात मान कर बुजुर्ग महिला अपने बेटे के साथ अवध एक्सप्रेस से कानपुर के लिए चली। बेटे ने मां को कानपुर के बजाय गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उतार दिया और बूढ़ी मां के पास रखे 4000 रूपये लेकर फरार हो गया।

गुलशन बाई के बारे में —–

102 साल की गुलशन बाई के पति नूर खान की मौत हो चुकी है और वो अपने बड़े बेटे सलीम के साथ रहती हैं। गुलशन बाई अपनी उम्र और बीमारी से इतनी लाचार हैं कि वो भीख मांगकर भी अपना गुजर नहीं कर सकती। कुछ महीनो पहले गुलशन के बाएं पंजे में फोड़ा हो गया था और लापरवाही व इलाज के आभाव के चलते फोड़े में इन्फेक्शन हो गया था, हालत यह थी कि घाव में कीड़े पड़ गए थे। मां की ऐसी हालत देख सलीम ने मां से कहा चलो तुम्हे कानपुर छोटे भाई चाँद के पास छोड़ आता हूं। वहां अच्छे से इलाज हो जायेगा। कानपुर ले जाते वक्त सलीम ने कानपुर की बजाय गोरखपुर उतार दिया और मां के पास रखे 4000 रुपए लेकर चंपत हो गया।



स्टेशन पर भी नहीं गया किसी का ध्यान—

इतनी भीड़ होने के बाद भी स्टेशन पर किसी का ध्यान बूढी मां की तरफ नहीं गया। 5 दिन तक रेलवे स्टेशन पर भटकने के बाद जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की नजर गुलशन बाई पर नहीं पड़ी। कुछ लोगों ने जीआरपी के जवानों से बुजुर्ग महिला के बारे में बताया तब भी उन लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाना जरुरी नहीं समझा और मामले को नजरअन्दाज कर दिया।

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रोटी बैंक वालों ने की बुजुर्ग महिला की मदद—-

‘रोटी बैंक’ के वॉलंटियर आजाद पांडे और गौरव ने बुधवार को 108 एंबुलेंस की मदद से महिला को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। उनलोगों को महिला के पास एक नम्बर मिला जिस पर उन्होंने कॉल किया तो उसके नाती ने रिसीव किया जो कि आगरा का रहने वाला है। नाती ने निवेदन किया कि किसी तरह उसकी नानी को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन तक भिजवा दें। यहां से वह उन्हें रिसीव कर लेगा। फिलहाल ‘रोटी बैंक’ के वॉलंटियर ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वहां उनका इलाज चल रहा है

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गोरखपुर। आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताएंगे जिसमे ये 'पूत कपूत सुने है' कहावत सच होती नजर आएगी। 102 साल की बूढी मां का कोई सहारा नहीं। इस बूढी मां की कहानी सुनने के बाद आप भी यही कहेंगे कि भगवान ऐसा बेटा किसी को भी न दे। ये घटना मध्य प्रदेश के रतलाम की रहने वाली गुलशन बाई की है। 5 दिन से ये बुजुर्ग महिला रेलवे स्टेशन पर इधर-उधर भटक रही जिनके पैर में…
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