करोड़पति कारोबारी का बेटा हो गया था लापता, शिमला के होटल में बर्तन धोते मिला

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करोड़पति कारोबारी का बेटा हो गया था लापता, शिमला के होटल में बर्तन धोते मिला

नई दिल्ली। परिजनों के सामने खुद को साबित करने के लिए करोड़पति कारोबारी का 19 साल का एक बेटा घर से भाग गया। गुजरात पुलिस कई दिनों से उसे ढूंढ रही थी। वसाड के इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र द्वारकेश 14 अक्टूबर को घर से हमेशा की तरह ही कॉलेज के लिए निकला था। लेकिन वसाड न जाकर वह वडोदरा रेलवे स्टेशन की तरफ निकल पड़ा। यहां से द्वारकेश ने दिल्ली का रुख किया जिसके बाद वह लापता हो गया।

Son Of A Millionaire Businessman Had Gone Missing Found Washing Dishes In Shimla Hotel :

पढ़ने में नहीं थी दिलचस्पी, क्षमता साबित करने का जुनून

पुलिस की जांच-पड़ताल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची थी, इसी बीच शिमला से आए एक होटल मैनेजर के फोन ने मामले को नया मोड़ दे दिया। होटल मैनेजर ने बताया कि 19 साल का एक युवक उनके होटल में बर्तन धुलता है। दरअसल द्वारकेश को पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी लेकिन वह परिजनों के सामने अपनी क्षमता को साबित करना चाहता था। इस वजह से उसने एक ऐसा रास्ता चुना, जिसकी कल्पना पुलिस ने भी नहीं की थी। घर से कॉलेज निकलने की बात कहकर वह शिमला भाग गया और यहां नौकरी के लिए उसने एक होटल में संपर्क किया।

होटल मैनेजर ने फोन से मामले का हुआ खुलासा

इंस्पेक्टर एसए करमूर का कहना है कि द्वारकेश का परिचय पत्र देखने के बाद मैनेजर ने उसका बैकग्राउंड चेक करने के लिए पाडरा पुलिस स्टेशन में फोन किया और यहीं से सारे मामले का पता चला। मैनेजर ने द्वारकेश की तस्वीर पुलिस वालों को भेजी। पुलिस ने इसको वेरिफाइ किया और इंस्पेक्टर करमूर ने दो कॉन्स्टेबल संजय सिंह गोहिल और भूपेंद्र सिंह महिडा से संपर्क किया। दोनों कॉन्स्टेबल शिमला में छुट्टियां मना रहे थे। इसके बाद दोनों तुरंत होटल पहुंचे लेकिन वहां द्वारकेश नहीं मिला।

रोड के किनारे सोते मिला, परिजनों को सौंपा

कॉन्स्टेबल गोहिल का कहना है, ‘मैनेजर ने हमें बताया कि एक युवक हाइवे पर खाने-पीने की दुकानों और फूड स्टॉल पर काम करता है। इसके बाद हमने ऐसे सभी दुकानदारों से संपर्क करते हुए द्वारकेश की तस्वीर शेयर की।’

सोमवार को एक टैक्सी ड्राइवर ने गोहिल को फोन करते हुए जानकारी दी कि एक लड़का रोड के किनारे सो रहा है। इसके बाद पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और द्वारकेश का आखिरकार पता चल गया। पुलिस ने परिजनों को द्वारकेश के मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद फ्लाइट से परिवार के लोग शिमला पहुंचे और द्वारकेश को वापस घर ले गए।  

नई दिल्ली। परिजनों के सामने खुद को साबित करने के लिए करोड़पति कारोबारी का 19 साल का एक बेटा घर से भाग गया। गुजरात पुलिस कई दिनों से उसे ढूंढ रही थी। वसाड के इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र द्वारकेश 14 अक्टूबर को घर से हमेशा की तरह ही कॉलेज के लिए निकला था। लेकिन वसाड न जाकर वह वडोदरा रेलवे स्टेशन की तरफ निकल पड़ा। यहां से द्वारकेश ने दिल्ली का रुख किया जिसके बाद वह लापता हो गया। पढ़ने में नहीं थी दिलचस्पी, क्षमता साबित करने का जुनून पुलिस की जांच-पड़ताल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची थी, इसी बीच शिमला से आए एक होटल मैनेजर के फोन ने मामले को नया मोड़ दे दिया। होटल मैनेजर ने बताया कि 19 साल का एक युवक उनके होटल में बर्तन धुलता है। दरअसल द्वारकेश को पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी लेकिन वह परिजनों के सामने अपनी क्षमता को साबित करना चाहता था। इस वजह से उसने एक ऐसा रास्ता चुना, जिसकी कल्पना पुलिस ने भी नहीं की थी। घर से कॉलेज निकलने की बात कहकर वह शिमला भाग गया और यहां नौकरी के लिए उसने एक होटल में संपर्क किया। होटल मैनेजर ने फोन से मामले का हुआ खुलासा इंस्पेक्टर एसए करमूर का कहना है कि द्वारकेश का परिचय पत्र देखने के बाद मैनेजर ने उसका बैकग्राउंड चेक करने के लिए पाडरा पुलिस स्टेशन में फोन किया और यहीं से सारे मामले का पता चला। मैनेजर ने द्वारकेश की तस्वीर पुलिस वालों को भेजी। पुलिस ने इसको वेरिफाइ किया और इंस्पेक्टर करमूर ने दो कॉन्स्टेबल संजय सिंह गोहिल और भूपेंद्र सिंह महिडा से संपर्क किया। दोनों कॉन्स्टेबल शिमला में छुट्टियां मना रहे थे। इसके बाद दोनों तुरंत होटल पहुंचे लेकिन वहां द्वारकेश नहीं मिला। रोड के किनारे सोते मिला, परिजनों को सौंपा कॉन्स्टेबल गोहिल का कहना है, 'मैनेजर ने हमें बताया कि एक युवक हाइवे पर खाने-पीने की दुकानों और फूड स्टॉल पर काम करता है। इसके बाद हमने ऐसे सभी दुकानदारों से संपर्क करते हुए द्वारकेश की तस्वीर शेयर की।' सोमवार को एक टैक्सी ड्राइवर ने गोहिल को फोन करते हुए जानकारी दी कि एक लड़का रोड के किनारे सो रहा है। इसके बाद पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और द्वारकेश का आखिरकार पता चल गया। पुलिस ने परिजनों को द्वारकेश के मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद फ्लाइट से परिवार के लोग शिमला पहुंचे और द्वारकेश को वापस घर ले गए।