जज्बा : दर्जी के बेटे ने किया चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षा में टॉप

shadab husain
जज्बा : दर्जी के बेटे ने किया चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षा में टॉप

नई दिल्ली। किसी ने सही कहा है अगर खुद पर भरोसा, कड़ी मेहनत और कुछ कर गुजरने का जुनून सर पर सवार हो तो कोई क्या कुछ नहीं कर सकता। इसकी बानगी कोटा में रहने वाले एक दर्जी के बेटे ने पेश की। इस साल कोटा के रहने वाले शादाब हुसैन ने सीए फाइनल (ओल्ड सेलेबस) में ऑल इंडिया टॉप कर पहली रैंक हासिल की है। जिसके बाद कई मीडिया हाउसेस ने उनसे बातचीत ​की।

Son Of A Tailor Shadab Hussain Tops Ca Old Syllabus Final Exam :

बता दें कि शादाब ने 74.63 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया हैं उन्हें 800 में से 597 अंक प्राप्त हुए हैं। शादाब ने कोटा विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री हासिल की है। उनके परिवार में मां—बाप के अलावा चार बहनें है। शादाब के माता—पिता बहुत कम पढ़े—लिखे हैं, लेकिन उन लोगों ने बेटे को अच्छी तालीम दी।

एक इंटरव्यू में शादाब ने बताया कि मैंने अच्छी नौकरी के लिए दिन रात पढ़ाई की। मैं चाहता हूं मेरे माता- पिता को बुढ़ापे में किसी भी तरह की परेशानी ने उठानी पड़े। इसीलिए उसने चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का फैसला किया। 23 साल के शादाब दिन में 13-14 घंटे पूरे फोकस के साथ पढ़ाई करते थे। ताकि परीक्षा में अच्छा स्कोर कर सके। उन्होने कहा कि ये मेरे और मेरे परिवार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

परीक्षा की तैयारी के बारे में शादाब ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मैं लगातार पढ़ाई करता था। तीन घंटे पढ़ाई करने के बाद 30-40 मिनट का ब्रेक लेता था। इसके साथ ही प्रतिदिन 2-3 किलोमीटर पैदल चलता था, ताकि पढ़ाई को लेकर तनाव महसूस न हो। उन्होंने बताया जैसे- जैसे परीक्षा पास आती रही, मैंने पढ़ाई के लिए देने वाले ज्यादा घंटों को कम कर दिया. और अपना दिमाग शांत रखा।

नई दिल्ली। किसी ने सही कहा है अगर खुद पर भरोसा, कड़ी मेहनत और कुछ कर गुजरने का जुनून सर पर सवार हो तो कोई क्या कुछ नहीं कर सकता। इसकी बानगी कोटा में रहने वाले एक दर्जी के बेटे ने पेश की। इस साल कोटा के रहने वाले शादाब हुसैन ने सीए फाइनल (ओल्ड सेलेबस) में ऑल इंडिया टॉप कर पहली रैंक हासिल की है। जिसके बाद कई मीडिया हाउसेस ने उनसे बातचीत ​की। बता दें कि शादाब ने 74.63 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया हैं उन्हें 800 में से 597 अंक प्राप्त हुए हैं। शादाब ने कोटा विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री हासिल की है। उनके परिवार में मां—बाप के अलावा चार बहनें है। शादाब के माता—पिता बहुत कम पढ़े—लिखे हैं, लेकिन उन लोगों ने बेटे को अच्छी तालीम दी। एक इंटरव्यू में शादाब ने बताया कि मैंने अच्छी नौकरी के लिए दिन रात पढ़ाई की। मैं चाहता हूं मेरे माता- पिता को बुढ़ापे में किसी भी तरह की परेशानी ने उठानी पड़े। इसीलिए उसने चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का फैसला किया। 23 साल के शादाब दिन में 13-14 घंटे पूरे फोकस के साथ पढ़ाई करते थे। ताकि परीक्षा में अच्छा स्कोर कर सके। उन्होने कहा कि ये मेरे और मेरे परिवार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। परीक्षा की तैयारी के बारे में शादाब ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मैं लगातार पढ़ाई करता था। तीन घंटे पढ़ाई करने के बाद 30-40 मिनट का ब्रेक लेता था। इसके साथ ही प्रतिदिन 2-3 किलोमीटर पैदल चलता था, ताकि पढ़ाई को लेकर तनाव महसूस न हो। उन्होंने बताया जैसे- जैसे परीक्षा पास आती रही, मैंने पढ़ाई के लिए देने वाले ज्यादा घंटों को कम कर दिया. और अपना दिमाग शांत रखा।