सोनौली बॉर्डर:भारत व नेपाल संयुक्त रुप से रोकेंगे मानव तस्करी 

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महराजगंज : भारत-नेपाल सीमा पर मानव एवं बाल तस्करी की रोकथाम हेतु स्थानीय पुलिस चौकी पर भारत और नेपाल के पुलिस, एसएसबी एवं समाजसेवी संगठनों द्वारा एक स्वरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महिलाओं और बच्चों की तस्करी पर विराम लगाने के लिए विचार विर्मश किया गया।

Sonauli Border India And Nepal Will Jointly Stop Human Trafficking :

मंगलवार की दोपहर सोनौली सीमा की पुलिस चौकी पर मानव तस्करी स्वरक्षा पर भारत और नेपाल के दोनों देशों की पुलिस और संस्थाओं द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसका उद्धाटन एसएसबी के 66 वीं वाहिनी इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि बच्चों के सुरक्षा एवं विकास के लिए शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे उनका भविष्य बेहतर हो सके। साथ ही बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए सभी को जागरूक रहने की आवश्यकता है। किसी भी तरह की सूचना प्राप्त होने पर अधिकारियों को व संस्था को इसकी सूचना दें। जिससे की बच्चों को बचाया जा सके।

इस अवसर पर नेपाल पुलिस के बेलहिया एएसआई कृष्ण बहादुर शर्मा ने कहा कि सीमा क्षेत्र में मानव व्यापार की रोकथाम को विशेष प्रयास करेंगे। सीमा क्षेत्र में पहचान को लेकर कई तरह की समस्याएं होती है। उन्होंने बाल संरक्षण की योजनाएं एवं कार्यक्रम व किशोर न्याय को विस्तार से चर्चा की।

चाइल्ड लाइन के जिला समन्यवर श्याम सिंह ने कहा कि ट्रैफिकिंग का मतलब एक जगह से दूसरे जगह तक ले जाने की प्रकिया होती है, इसलिए हमें किशोर न्याय व बच्चों की देखरेख व संरक्षण के पहलुओं का अध्ययन करना होगा। उपस्थित लोगों को अन्य अधिकारियों ने भी संबोधित किया।

इस मौके पर आफन्त नेपाल की मंजू, एंजलस नेपाल की गंगा, माइती नेपाल की जानुका, चाइल्ड लाइन प्रभारी ओम प्रकाश, श्रवण कुमार, पुष्पा देवी, सहित सीमा के दोनों तरफ के एनजीओ कार्यकर्ता समेत नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

महराजगंज : भारत-नेपाल सीमा पर मानव एवं बाल तस्करी की रोकथाम हेतु स्थानीय पुलिस चौकी पर भारत और नेपाल के पुलिस, एसएसबी एवं समाजसेवी संगठनों द्वारा एक स्वरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महिलाओं और बच्चों की तस्करी पर विराम लगाने के लिए विचार विर्मश किया गया। मंगलवार की दोपहर सोनौली सीमा की पुलिस चौकी पर मानव तस्करी स्वरक्षा पर भारत और नेपाल के दोनों देशों की पुलिस और संस्थाओं द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसका उद्धाटन एसएसबी के 66 वीं वाहिनी इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि बच्चों के सुरक्षा एवं विकास के लिए शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे उनका भविष्य बेहतर हो सके। साथ ही बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में मानव तस्करी की रोकथाम के लिए सभी को जागरूक रहने की आवश्यकता है। किसी भी तरह की सूचना प्राप्त होने पर अधिकारियों को व संस्था को इसकी सूचना दें। जिससे की बच्चों को बचाया जा सके। इस अवसर पर नेपाल पुलिस के बेलहिया एएसआई कृष्ण बहादुर शर्मा ने कहा कि सीमा क्षेत्र में मानव व्यापार की रोकथाम को विशेष प्रयास करेंगे। सीमा क्षेत्र में पहचान को लेकर कई तरह की समस्याएं होती है। उन्होंने बाल संरक्षण की योजनाएं एवं कार्यक्रम व किशोर न्याय को विस्तार से चर्चा की। चाइल्ड लाइन के जिला समन्यवर श्याम सिंह ने कहा कि ट्रैफिकिंग का मतलब एक जगह से दूसरे जगह तक ले जाने की प्रकिया होती है, इसलिए हमें किशोर न्याय व बच्चों की देखरेख व संरक्षण के पहलुओं का अध्ययन करना होगा। उपस्थित लोगों को अन्य अधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस मौके पर आफन्त नेपाल की मंजू, एंजलस नेपाल की गंगा, माइती नेपाल की जानुका, चाइल्ड लाइन प्रभारी ओम प्रकाश, श्रवण कुमार, पुष्पा देवी, सहित सीमा के दोनों तरफ के एनजीओ कार्यकर्ता समेत नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।