सोनिया गांधी ने कहा, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता, जब सत्ता के लिए भुलाईं गईं सभी मर्यादाएं

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सोनिया गांधी ने कहा, इससे बड़ा दुर्भाग्या कुछ नहीं हो सकता, जब सत्ता पर कब्जा करने के लिए भुलाईं गईं सभी मर्यादाएं

रायबरेली। रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी आभार समारोह में शामिल होने के लिए प्रियंका गांधी के साथ पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने वहां के मतदाताओं का अभार व्यक्त किया है। सोनिया गांधी ने कहा कि, ‘मैं आपको भरोसा दिलाती हूं कि रायबरेली के एक—एक नागरिक के लिए पहले की तरह बिना भेदभाव के काम करूंगी।’ सोनिया गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे ऊंचा दर्जा मतदाता का होता है। इस बार लोकसभा चुनाव में उन्हें भड़काने की कई तरह से कोशिश की गई।

Sonia Gandhi Attack Pm Narendra Modi :

उन्होंने कहा कि वह कितना नौतिक था और कितना नहीं, यह सब समझते हैं। भारत का इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता है कि सत्ता पर कब्जा बनाए रखने के लिए सभी मर्यादाएं भुला दी गईं। हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को लेकर पिछले कुछ वर्षों से तरह-तरह के संदेश सामने आ रहे हैं। आप सब जानते हैं कि बिना आग के धुआं नहीं निकलता। इस तरह से संदेश का समाधान होना चाहिए। इसके साथ ही सोनिया गांधी ने कहा कि आप परिवार के सदस्य हैं। आपसे कोई रिश्ता आज का नहीं है और न ही कोई स्वार्थ का है।

स्वाधीनता आंदोलन में अपना सब कुछ समर्पित करने वालों को नहीं मालूम था कि आजादी मिलेगी भी की नहीं। फिर भी वह भारत की लिए लड़े। महात्मा गांधी ने सीने पर गोली खाई। राजीव जी, इंदिरा गांधी ने जान न्योछावर कर दी, तब जाकर हम लोकतंत्र के इस मुकाम तक पहुंचे हैं। आज उनके सबके बलिदान को हंसकर उड़ा देना कुछ लोगों के लिए आसान है। मैं तो इतना कहना चाहती हूं कि यह हमारा देश बहुत मेहनत और पक्के इरादे से संघर्ष करके पहुंचा है। पांच साल में यह सरकार कितनी अच्छे दिन लाई, यह सबको मालूम है। सियासत की होड़ में ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे जनतंत्र की बुनियादी सुविधाओं को चोट पहुंचे।

रायबरेली। रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी आभार समारोह में शामिल होने के लिए प्रियंका गांधी के साथ पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने वहां के मतदाताओं का अभार व्यक्त किया है। सोनिया गांधी ने कहा कि, 'मैं आपको भरोसा दिलाती हूं कि रायबरेली के एक—एक नागरिक के लिए पहले की तरह बिना भेदभाव के काम करूंगी।' सोनिया गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे ऊंचा दर्जा मतदाता का होता है। इस बार लोकसभा चुनाव में उन्हें भड़काने की कई तरह से कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वह कितना नौतिक था और कितना नहीं, यह सब समझते हैं। भारत का इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता है कि सत्ता पर कब्जा बनाए रखने के लिए सभी मर्यादाएं भुला दी गईं। हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को लेकर पिछले कुछ वर्षों से तरह-तरह के संदेश सामने आ रहे हैं। आप सब जानते हैं कि बिना आग के धुआं नहीं निकलता। इस तरह से संदेश का समाधान होना चाहिए। इसके साथ ही सोनिया गांधी ने कहा कि आप परिवार के सदस्य हैं। आपसे कोई रिश्ता आज का नहीं है और न ही कोई स्वार्थ का है। स्वाधीनता आंदोलन में अपना सब कुछ समर्पित करने वालों को नहीं मालूम था कि आजादी मिलेगी भी की नहीं। फिर भी वह भारत की लिए लड़े। महात्मा गांधी ने सीने पर गोली खाई। राजीव जी, इंदिरा गांधी ने जान न्योछावर कर दी, तब जाकर हम लोकतंत्र के इस मुकाम तक पहुंचे हैं। आज उनके सबके बलिदान को हंसकर उड़ा देना कुछ लोगों के लिए आसान है। मैं तो इतना कहना चाहती हूं कि यह हमारा देश बहुत मेहनत और पक्के इरादे से संघर्ष करके पहुंचा है। पांच साल में यह सरकार कितनी अच्छे दिन लाई, यह सबको मालूम है। सियासत की होड़ में ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे जनतंत्र की बुनियादी सुविधाओं को चोट पहुंचे।