कुछ लोग चाहते हैं कि गांधी जी नहीं बल्कि RSS बने भारत का प्रतीक : सोनिया गांधी

sonia gandhi
कुछ लोग चाहते हैं कि गांधी जी नहीं बल्कि RSS बने भारत का प्रतीक : सोनिया गांधी

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष (अंतरिम) सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर हमला बोला है। सोनिया गांधी ने कहा कि गांधी का नाम लेना आसान है, उनके बताए रास्तों पर चलना बेहद मुश्किल। सोनिया ने कहा, ‘भारत और गांधी एक दूसरे के पर्याय है। यह अलग बात है कि कुछ लोग इसे उलटा करने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग चाहते हैं कि गांधी नहीं, बल्कि आरएसएस भारत का प्रतीक बन जाए।  

Sonia Gandhi Mahatama Gandhi Anniversary Congress Attacks Rss And Bjp :

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि भारत और गांधी जी एक दूसरे के पर्याय हैं, यह अलग बात है कि आजकल कुछ लोगों ने इससे उल्टा करने की जिद पकड़ ली है, वे चाहते हैं कि गांधी जी नहीं बल्कि आरएसएस भारत का प्रतीक बन जाए। सोनिया गांधी ने कहा कि वे ऐसे लोगों को साफ शब्दों में बताना चाहती हैं कि हमारे देश की मिली जुली संस्कृती, सभ्यता और समाज में गांधी जी की सर्वसमावेशी व्यवस्था के अलावा कभी कुछ नहीं सोचा जा सकता।

बिना किसी का नाम लिए सोनिया गांधी ने कहा कि जो लोग असत्य पर आधारित राजनीति कर रहे हैं, वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी सत्य के पुजारी थे। सोनिया गांधी ने आगे कहा कि जिन्हें अपनी सत्ता के लिए सबकुछ करना मंजूर है वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी अहिंसा के उपासक थे और जो लोकतंत्र में भी सारी शक्ति खुद की मुट्ठी रखना चाहते हैं वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी के स्वराज का क्या महत्व है।

उन्होंने कहा, “जो लोग असत्य के आधार पर राजनीति कर रहे हैं वो कैसे समझेंगे कि गांधी जी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। जो सारी शक्ति अपनी मुठ्टी में रखना चाहते हैं वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी के स्वराज का क्या मतलब है। सोनिया ने कहा, “जिन्हें मौका मिलते ही अपने को सर्वेसर्वा बताने की इच्छा हो वो कैसे समझेंगे कि गांधी जी की सेवा का क्या मतलब है?

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ सालों में साम-दाम-दंड भेद का खुला कारोबार करके वे अपने आपको बहुत ताकतवर समझते हैं। इनके बावजूद अगर भारत नहीं भटका तो इसलिए क्योंकि हमारे मुल्क की बुनियाद में गांधी जी के उसूलों की आधारशीला है। भारत और गांधी जी एक दूसरे के पर्याय हैं।

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष (अंतरिम) सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर हमला बोला है। सोनिया गांधी ने कहा कि गांधी का नाम लेना आसान है, उनके बताए रास्तों पर चलना बेहद मुश्किल। सोनिया ने कहा, 'भारत और गांधी एक दूसरे के पर्याय है। यह अलग बात है कि कुछ लोग इसे उलटा करने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग चाहते हैं कि गांधी नहीं, बल्कि आरएसएस भारत का प्रतीक बन जाए।   सोनिया गांधी ने आगे कहा कि भारत और गांधी जी एक दूसरे के पर्याय हैं, यह अलग बात है कि आजकल कुछ लोगों ने इससे उल्टा करने की जिद पकड़ ली है, वे चाहते हैं कि गांधी जी नहीं बल्कि आरएसएस भारत का प्रतीक बन जाए। सोनिया गांधी ने कहा कि वे ऐसे लोगों को साफ शब्दों में बताना चाहती हैं कि हमारे देश की मिली जुली संस्कृती, सभ्यता और समाज में गांधी जी की सर्वसमावेशी व्यवस्था के अलावा कभी कुछ नहीं सोचा जा सकता। बिना किसी का नाम लिए सोनिया गांधी ने कहा कि जो लोग असत्य पर आधारित राजनीति कर रहे हैं, वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी सत्य के पुजारी थे। सोनिया गांधी ने आगे कहा कि जिन्हें अपनी सत्ता के लिए सबकुछ करना मंजूर है वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी अहिंसा के उपासक थे और जो लोकतंत्र में भी सारी शक्ति खुद की मुट्ठी रखना चाहते हैं वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी के स्वराज का क्या महत्व है। उन्होंने कहा, "जो लोग असत्य के आधार पर राजनीति कर रहे हैं वो कैसे समझेंगे कि गांधी जी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। जो सारी शक्ति अपनी मुठ्टी में रखना चाहते हैं वे कैसे समझेंगे कि गांधी जी के स्वराज का क्या मतलब है। सोनिया ने कहा, "जिन्हें मौका मिलते ही अपने को सर्वेसर्वा बताने की इच्छा हो वो कैसे समझेंगे कि गांधी जी की सेवा का क्या मतलब है? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ सालों में साम-दाम-दंड भेद का खुला कारोबार करके वे अपने आपको बहुत ताकतवर समझते हैं। इनके बावजूद अगर भारत नहीं भटका तो इसलिए क्योंकि हमारे मुल्क की बुनियाद में गांधी जी के उसूलों की आधारशीला है। भारत और गांधी जी एक दूसरे के पर्याय हैं।