सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को खत लिख कहा- लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास कराइए

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को एक खत लिखा है जिसमें महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिले, इसके लिए लोकसभा में जल्द से जल्द महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने की मांग की है। बुधवार (20 सितंबर) को लिखी इस चिट्ठी में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि संसद के निचले सदन लोकसभा में प्रचंड बहुमत का लाभ उठाइए।

Sonia Wrote Letter To Modi Asked To Pass The Women39s Reservation Bill In Lok Sabha :

उन्होंने लिखा है कि बहुमत के अभाव में महिला आरक्षण बिल साल 2010 से लंबित पड़ा है लेकिन आपकी सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है। लिहाजा, इसका लाभ उठाते हुए महिला आरक्षण बिल पास कराइए। गौरतलब है कि संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का बिल 2010 में पास करा लिया गया था, मगर लोकसभा में समाजवादी पार्टी, बीएसपी और राष्ट्रीय जनता दल जैसी पार्टियों के भारी विरोध के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। इसकी वजह से दलित, पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग हो रही है।

सोनिया गांधी ने पत्र में लिखा है, “कांग्रेस हमेशा से इस बिल के समर्थन में रही है और आगे भी इस बिल का समर्थन करती रहेगी क्योंकि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।” उन्होंने पत्र में यह लिखकर याद दिलाया है कि उनके दिवंगत पति और भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संविधान संशोधन विधेयकों के जरिये पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए पहली बार आरक्षण का प्रावधान किया था। सोनिया ने लिखा है कि उस बिल को 1989 में विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया था लेकिन 1993 में ये दोनों सदनों में पारित हुए थे।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को एक खत लिखा है जिसमें महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिले, इसके लिए लोकसभा में जल्द से जल्द महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने की मांग की है। बुधवार (20 सितंबर) को लिखी इस चिट्ठी में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि संसद के निचले सदन लोकसभा में प्रचंड बहुमत का लाभ उठाइए।उन्होंने लिखा है कि बहुमत के अभाव में महिला आरक्षण बिल साल 2010 से लंबित पड़ा है लेकिन आपकी सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है। लिहाजा, इसका लाभ उठाते हुए महिला आरक्षण बिल पास कराइए। गौरतलब है कि संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का बिल 2010 में पास करा लिया गया था, मगर लोकसभा में समाजवादी पार्टी, बीएसपी और राष्ट्रीय जनता दल जैसी पार्टियों के भारी विरोध के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। इसकी वजह से दलित, पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग हो रही है।सोनिया गांधी ने पत्र में लिखा है, “कांग्रेस हमेशा से इस बिल के समर्थन में रही है और आगे भी इस बिल का समर्थन करती रहेगी क्योंकि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।” उन्होंने पत्र में यह लिखकर याद दिलाया है कि उनके दिवंगत पति और भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संविधान संशोधन विधेयकों के जरिये पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए पहली बार आरक्षण का प्रावधान किया था। सोनिया ने लिखा है कि उस बिल को 1989 में विपक्ष ने पारित नहीं होने दिया था लेकिन 1993 में ये दोनों सदनों में पारित हुए थे।