फिर आगे आए सोनू सूद, इस बार सफर में घायल और मारे गए 400 प्रवासी मजदूरों के परिवारों को मदद

Sonu Sood

मुंबई: कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा तकलीफ प्रवासी मजदूरों को उठानी पड़ी। जब बुरी हालत में प्रवासी मजदूर अपने घरों के लिए पैदल निकल पड़े तो उनकी तस्वीरों और वीडियोज ने सभी का मन द्रवित कर दिया। ऐसे में बॉलिवुड ऐक्टर सोनू सूद ने जिम्मेदारी उठाते हुए हजारों प्रवासी मजदूरों को न सिर्फ उनके घर पहुंचाया बल्कि उनके खाने-पीने का भी इंतजाम किया। सोनू के इस काम की काफी तारीफ भी हुई थी। अब लॉकडाउन खुलने के बाद भी सोनू लगातार प्रवासी मजदूरों की मदद में लगे हुए हैं।

Sonu Sood Came Forward Again This Time Helping Families Of 400 Migrant Laborers Injured And Killed In The Journey :

प्रवासी मजदूरों के परिवार के पास नहीं है आय का जरिया
दरअसल लॉकडाउन खुलने के बाद जब मजदूर अपने घरों के लिए निकले तो एक बड़ी संख्या में लोग या तो सफर में घायल हुए या उनका निधन हो गया। ऐसे 400 प्रवासी मजदूरों के परिवारों की मदद करने के लिए एक बार फिर सोनू सूद आगे आए हैं। सोनू और उनकी दोस्त नीति गोयल अब इन परिवारों की आर्थिक मदद करेंगे क्योंकि इनमें से ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर थे और उनके परिवारों के पास आय का कोई जरिया नहीं है।

लॉकडाउन में प्रवासी मजूदरों को उनके घर पहुंचाने में सोनू सूद ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। बस, प्‍लेन और ट्रेन, जो भी संभव हुआ सोनू सूद ने मजदूरों को उनके घर पहुंचाया है। अब उन्‍होंने 2000 मजदूरों को ट्रेन से रवाना किया है। सोनू सूद के लिए दुआओं में हाथ उठ रहे हैं। कई मजदूर अपने इस मसीहा के बारे में बात करते हुए भावुक भी हो गए। मजदूरों का कहना है कि जब किसी ने उनक सुध नहीं ली, तब सोनू फरिश्‍ता बनकर उनकी जिंदगी में आए हैं।

बच्चों की शिक्षा और घर बनवाने में मदद देंगे सोनू
इसके अलावा सोनू और उनका ग्रुप प्रवासी मजदूरों के बच्चों की शिक्षा और उनके घर बनवाने का खर्च भी उठाएंगे। इस बारे में सोनू ने कहा, ‘मैंने फैसला किया है कि जो प्रवासी मजदूर सफर के दौरान घायल या मारे गए उनके परिवार को एक सुरक्षित भविष्य दिया जाए। मुझे लगता है कि उनकी मदद करना मेरी निजी जिम्मेदारी है।’ सोनू ने इस पर काम करना शुरू भी कर दिया है।

बॉलिवुड ऐक्टर सोनू सूद कोरोना संकट में मजदूरों के मसीहा बनकर सामने आए हैं। कोरोना संकट के बीच सोनू सूद ने उन हज़ारों मज़दूरों की मदद की, जो लॉकडाउन के बीच अपने घर नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे लोगों की सोनू सूद ने जिस तरह से मदद की है, उससे उनकी एक अलग ही छवि बन गई है। हर कोई उनकी तारीफें करते नहीं थक रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर भी सोनू सूद की जमकर तारीफें हो रही हैं। हर कोई उन्हें असल ज़िंदगी का हीरो बता रहा है। ऐसे में सोनू सूद का एक और वीडियो काफी वायरल हो रहा है। जबां पर वो 2000 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजते हुए नजर आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मजदूरों का डेटा निकलवा रहे हैं सोनू
सोनू और उनकी टीम इस समय उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अधिकारियों से संपर्क में हैं और जो मजदूर मारे गए या घायल हुए, उनका पूरा डेटा मांगा गया है। इस डेटा में उन परिवारों का पता और बैंक डीटेल्स भी शामिल होंगी। बता दें कि लॉकडाउन में सोनू ने सोशल मीडिया पर अपनी टीम के नंबर भी जारी किए थे। अभी तक लोग इन फोन नंबरों और सोशल मीडिया के जरिए सोनू सूद से मदद मांग रहे हैं।

मुंबई: कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा तकलीफ प्रवासी मजदूरों को उठानी पड़ी। जब बुरी हालत में प्रवासी मजदूर अपने घरों के लिए पैदल निकल पड़े तो उनकी तस्वीरों और वीडियोज ने सभी का मन द्रवित कर दिया। ऐसे में बॉलिवुड ऐक्टर सोनू सूद ने जिम्मेदारी उठाते हुए हजारों प्रवासी मजदूरों को न सिर्फ उनके घर पहुंचाया बल्कि उनके खाने-पीने का भी इंतजाम किया। सोनू के इस काम की काफी तारीफ भी हुई थी। अब लॉकडाउन खुलने के बाद भी सोनू लगातार प्रवासी मजदूरों की मदद में लगे हुए हैं। प्रवासी मजदूरों के परिवार के पास नहीं है आय का जरिया दरअसल लॉकडाउन खुलने के बाद जब मजदूर अपने घरों के लिए निकले तो एक बड़ी संख्या में लोग या तो सफर में घायल हुए या उनका निधन हो गया। ऐसे 400 प्रवासी मजदूरों के परिवारों की मदद करने के लिए एक बार फिर सोनू सूद आगे आए हैं। सोनू और उनकी दोस्त नीति गोयल अब इन परिवारों की आर्थिक मदद करेंगे क्योंकि इनमें से ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर थे और उनके परिवारों के पास आय का कोई जरिया नहीं है। लॉकडाउन में प्रवासी मजूदरों को उनके घर पहुंचाने में सोनू सूद ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। बस, प्‍लेन और ट्रेन, जो भी संभव हुआ सोनू सूद ने मजदूरों को उनके घर पहुंचाया है। अब उन्‍होंने 2000 मजदूरों को ट्रेन से रवाना किया है। सोनू सूद के लिए दुआओं में हाथ उठ रहे हैं। कई मजदूर अपने इस मसीहा के बारे में बात करते हुए भावुक भी हो गए। मजदूरों का कहना है कि जब किसी ने उनक सुध नहीं ली, तब सोनू फरिश्‍ता बनकर उनकी जिंदगी में आए हैं। बच्चों की शिक्षा और घर बनवाने में मदद देंगे सोनू इसके अलावा सोनू और उनका ग्रुप प्रवासी मजदूरों के बच्चों की शिक्षा और उनके घर बनवाने का खर्च भी उठाएंगे। इस बारे में सोनू ने कहा, 'मैंने फैसला किया है कि जो प्रवासी मजदूर सफर के दौरान घायल या मारे गए उनके परिवार को एक सुरक्षित भविष्य दिया जाए। मुझे लगता है कि उनकी मदद करना मेरी निजी जिम्मेदारी है।' सोनू ने इस पर काम करना शुरू भी कर दिया है। बॉलिवुड ऐक्टर सोनू सूद कोरोना संकट में मजदूरों के मसीहा बनकर सामने आए हैं। कोरोना संकट के बीच सोनू सूद ने उन हज़ारों मज़दूरों की मदद की, जो लॉकडाउन के बीच अपने घर नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे लोगों की सोनू सूद ने जिस तरह से मदद की है, उससे उनकी एक अलग ही छवि बन गई है। हर कोई उनकी तारीफें करते नहीं थक रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर भी सोनू सूद की जमकर तारीफें हो रही हैं। हर कोई उन्हें असल ज़िंदगी का हीरो बता रहा है। ऐसे में सोनू सूद का एक और वीडियो काफी वायरल हो रहा है। जबां पर वो 2000 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजते हुए नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मजदूरों का डेटा निकलवा रहे हैं सोनू सोनू और उनकी टीम इस समय उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अधिकारियों से संपर्क में हैं और जो मजदूर मारे गए या घायल हुए, उनका पूरा डेटा मांगा गया है। इस डेटा में उन परिवारों का पता और बैंक डीटेल्स भी शामिल होंगी। बता दें कि लॉकडाउन में सोनू ने सोशल मीडिया पर अपनी टीम के नंबर भी जारी किए थे। अभी तक लोग इन फोन नंबरों और सोशल मीडिया के जरिए सोनू सूद से मदद मांग रहे हैं।