1. हिन्दी समाचार
  2. जल्द ही बदल सकता है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का चेहरा….?

जल्द ही बदल सकता है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का चेहरा….?

Soon The Face Of Uttarakhand Chief Minister Can Be Changed

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बीेजपी ने प्रचंड बहुमत हासिल करके कांग्रेस को हार का मुंह दिखा दिया था। जिसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड की कमान सौंप दी गई थी। लेकिन सूत्रों की मानें तो बीजेपी जल्द ही उन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटा कर और किसी को उत्तराखंड की कमान दे सकती है।

पढ़ें :- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या: राष्ट्रपति ने कहा-सैनिकों की बहादुरी पर हम सभी देशवासियों को गर्व है

कौन हैं त्रिवेंद्र सिंह रावत

त्रिवेंद्र सिंह रावत झारखंड बीजेपी के प्रभारी है। 56 वर्षीय त्रिवेंद्र सिंह रावत डोइवाला सीट की नुमाइंदगी करते हैं। उनको पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है। इस वक्‍त वह पार्टी की झारखंड यूनिट के प्रभारी हैं। देहरादून की डोईवाला विधानसभा सीट से इस बार उन्होंने कांग्रेस के सीनियर लीडर हीरा सिंह बिष्ट को 24,869 वोटों से हराया है। इस बार डोईवाला से जीतकर तीसरी बार विधायक बने हैं। रावत आरएसएस की पूष्ठभूमि से आते हैं। तीसरी बार विधायक बने हैं।

राजनीतिक रूप

वह 1983 से 2002 तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और उस दौरान वह उत्‍तराखंड अंचल और बाद में राज्‍य के संगठन सचिव रहे हैं। वह पहली बार 2002 में डोइवाला सीट से एमएलए बने। तब से वहां से तीन बार चुने जा चुके हैं। वह 2007-12 के दौरान राज्‍य के कृषि मंत्री भी रहे।2014 के लोकसभा चुनाव में भी इन्होंने शाह के साथ काफी काम किया था।

पढ़ें :- गूगल की Gmail यूर्जस को चेतावनी, शर्तें और नियम ना मानने पर बन्द हो जाएंगी ये सुविधायें

संघ से नाता

वह 1983 से लेकर 2002 तक संघ से जुड़े रहे। उत्तराखंड राज्य में रावत के पास पहले क्षेत्र की जिम्मेदारी थी लेकिन बाद में उन्हें पूरे राज्य में काम करने को कहा गया। 2002 में वह सबसे पहले धोईवाला सीट से जीते। इसके बाद वह लगातार तीन बार वहां से विधायक रहे हैं। रावत ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आरएसएस प्रचारक के तौर पर की थी.

विवाद में रहा नाम

उनका नाम बीज घोटाले में आ चुका है. हालांकि, उनके पक्ष में भी कई बातें जाती हैं। उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव कई मुख्य पदों पर काम भी किया है।2012 में वह रायपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए थे। वह इस बार वह डोईवाला सीट से भारी बहमत से विजय दर्ज कराने में सफल रहे।

पढ़ें :- किसान आंदोलन : कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का दावा, जल्द समाप्त होगा किसानों का प्रदर्शन

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...