शिवपाल ने कत्ल, छेड़छाड़ और घोटाले के दागियों को बांट दिया टिकट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने राज्य विधानसभा के लिए सोमवार को नौ नए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को जिन प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है उनमें कत्ल, छेड़छाड़ और घोटाले के दागी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी ने सोमवार को कुल 26 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। इनमें से पहले से घोषित 17 उम्मीदवारों को समाजवादी पार्टी ने बदल दिया है। इनके अलावा, 9 नए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई है।




कांग्रेस से समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले मुकेश श्रीवास्तव को बहराइच के पयागपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। श्रीवास्तव इसी सीट से 2012 में चुनाव जीते थे। बहराइच की ही नानपारा सीट से जयशंकर सिंह और सहारनपुर की नकुड सीट से मोहम्मद इरशाद को उम्मीदवार बनाया गया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि महराजगंज की नौतनवा सीट से अमन मणि त्रिपाठी और सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र से संजय यादव उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। बुलंदशहर की डिबाई सीट से हरीश लोधी पार्टी के उम्मीदवार होंगे जबकि हरदोई की गोपामऊ (सु) सीट से राजेश्वरी और हरदोई की ही सांडी से ऊषा वर्मा उम्मीदवार होंगी। अंबेडकरनगर के जलालपुर सीट से सुभाष राय को उम्मीदवार बनाया गया है। जलालपुर से 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव जीते शेर बहादुर सिंह हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

दागियों में कौन-कौन?

समाजवादी पार्टी ने जिन क्रिमिनल बैकग्राउंड के कैंडिडेट्स के नामों की घोषणा की है उनमें मुकेश श्रीवास्तव, शाहनवाज राणा और अमनमणि त्रिपाठी शामिल हैं। इनमें से अमनमणि पर पत्नी के कत्ल के आरोप हैं। मुकेश श्रीवास्तव एनआरएचएम घोटाला मामले में जेल जा चुके हैं और शाहनवाज राणा पर छेड़खानी के आरोप लग चुके हैं। उल्लेखनीय है कि बिजनौर से बसपा विधायक रह चुके शाहनवाज राणा को मो. इलियास का टिकट काटकर मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। मुजप्फरनगर बाईपास पर उनकी कार में दिल्ली की युवतियों से छेड़छाड़ का मामला काफी चर्चा में रहा था। राणा सपा के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव लड़े थे। 2012 का विस चुनाव रालोद प्रत्याशी के रूप में लड़े।




इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के दागी विधायक मुकेश श्रीवास्तव को बहराइच की प्रयागपुर सीट से टिकट दिया है। मुकेश पिछले दिनों अखिलेश और आजम खां की मौजूदगी में सपा में शामिल हुए थे। वे एनआरएचएम घोटाले के आरोपी हैं और जेल भी जा चुके हैं। उनके खिलाफ अदालत में केस चल रहा है। वहीं, महाराजगंज की नौतनवा सीट से टिकट। उनके पिता अमर मणि त्रिपाठी कवियित्री मधुमिता हत्याकांड में सजायाफ्ता हैं और जेल में हैं। अमनमणि को कुछ माह पहले पत्नी सारा की हत्या के आरोप में नामजद कराया गया है। सारा की मां जब मुख्यमंत्री अखिलेश से मिली तो उन्होंने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। उनके खिलाफ और भी आपराधिक मामले हैं।

समाजवादी पार्टी ने पहले से घोषित 17 प्रत्याशियों को हटाकर उनकी जगह नए नामों की घोषणा की है। हटाए गए नामों में से कई सीएम अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के करीबी हैं। अखिलेश के करीबियों में जिनके टिकट कटे हैं उनमें से एक अतुल प्रधान हैं। सरधना विधानसभा सीट से उनको हटाकर शिवपाल के करीबी पिंटू राणा को टिकट दिया गया है। इसी तरह, मेरठ शहर विधानसभा सीट से रफीक अंसारी का टिकट काट दिया गया है। वह रामगोपाल और अखिलेश के करीबी हैं। उनकी जगह अय्यूब अंसारी को टिकट दिया गया है। खुर्जा सीट से सुनीता चौहान को हटाकर उनकी जगह रवींद्र वाल्मिकी को कैंडिडेट घोषित किया गया है। सुनीता चौहान रामगोपाल गुट की मानी जाती हैं।