सपा नेता व पूर्व मंत्री घूरा राम का कोरोना से निधन, केजीएमयू में चल रहा था उपचार

ghura ram
सपा नेता व पूर्व मंत्री घूरा राम का कोरोना से निधन, केजीएमयू में चल रहा था उपचार

लखनऊ। यूपी में कोरोना तेजी से पांव पसारने लगा है। कोरोना ने राजनीतिक पार्टियों में दस्तक दे दी है। कोरोना से यूपी के कई मंत्री समेत कई नेता कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, अब सपा के नेता और पूर्व मंत्री घूरा राम का आज निधन हो गया। घूरा राम की ​कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

Sp Leader And Former Minister Ghura Ram Died From Corona Treatment Underway At Kgmu :

14 जुलाई को उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई थी, जिसके बाद उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनका कोरोना टेस्ट हुआ, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बताया जा रहा है कि घूरा राम 63 वर्ष के थे। ​घूरा राम बसपा संस्थापक कांशी राम के विश्वस्त सहयोगी रहे और बलिया की रसड़ा सुरक्षित सीट से विधायक रहे।

इसके साथ ही मायावती शासनकाल में वह मंत्री भी रह चुके हैं। इसके बाद वह सपा में शामिल हो गए थे। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने घूरा राम को दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया था। घूरा राम के निधन की सूचना मिलते ही बलिया में शोक की लहर दौड़ गई।

पूर्वी उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति पर मजबूत पकड़ रखने वाले घूरा राम ने बलिया जिले के बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर 1991 में पहला चुनाव लड़ा था। भाजपा के हरिनारायण राजभर से वह पराजित हो गए थे। सपा के शारदा नन्द अंचल दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने रसड़ा को कर्म भूमि बना ली। उन्होंने रसड़ा सुरक्षित सीट से पहली बार 1993 में चुनाव जीता था।

 

लखनऊ। यूपी में कोरोना तेजी से पांव पसारने लगा है। कोरोना ने राजनीतिक पार्टियों में दस्तक दे दी है। कोरोना से यूपी के कई मंत्री समेत कई नेता कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, अब सपा के नेता और पूर्व मंत्री घूरा राम का आज निधन हो गया। घूरा राम की ​कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 14 जुलाई को उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई थी, जिसके बाद उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनका कोरोना टेस्ट हुआ, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बताया जा रहा है कि घूरा राम 63 वर्ष के थे। ​घूरा राम बसपा संस्थापक कांशी राम के विश्वस्त सहयोगी रहे और बलिया की रसड़ा सुरक्षित सीट से विधायक रहे। इसके साथ ही मायावती शासनकाल में वह मंत्री भी रह चुके हैं। इसके बाद वह सपा में शामिल हो गए थे। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने घूरा राम को दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया था। घूरा राम के निधन की सूचना मिलते ही बलिया में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति पर मजबूत पकड़ रखने वाले घूरा राम ने बलिया जिले के बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर 1991 में पहला चुनाव लड़ा था। भाजपा के हरिनारायण राजभर से वह पराजित हो गए थे। सपा के शारदा नन्द अंचल दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने रसड़ा को कर्म भूमि बना ली। उन्होंने रसड़ा सुरक्षित सीट से पहली बार 1993 में चुनाव जीता था।