जमानत मिलने के 24 घंटे के अंदर फिर जेल भेजे गए गायत्री प्रजापति

लखनऊ| यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है| जमानत मिलने के अगले ही दिन प्रजापति को कथित मुलायम धमकी कांड के बाद अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी नूतन ठाकुर को फर्जी रेप मामले में फंसाने के मामले में हिरासत में ले लिया| बाद में सीजेएम न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया|




आईजी (रूल्स एंड मैनुअल्स) अमिताभ ठाकुर ने करीब दो साल पहले जब अखिलेश सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ अवैध खनन मामले में शिकायत की थी, तब सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अमिताभ को फोन कर कथित तौर पर धमकी दी गई थी| मुलायम की कथित धमकी पर आईपीएस ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसकी जांच अब भी चल रही है|

वहीं इस रिपोर्ट के बाद आईजी ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर पर गाजियाबाद की एक महिला ने कथित दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी| इस रिपोर्ट के खिलाफ नूतन ठाकुर ने आरोप लगाया था कि प्रजापति के इशारों पर महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने उन्हें फंसाने के लिए गाजियाबाद की एक महिला को हथियार बनाया और उसके माध्यम से उनके आईपीएस पति पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगवाया। लेकिन काफी दिनों तक इस मामले में जांच नहीं हुई|



जब राज्य में सरकार बदली तो इस कथित दुष्कर्म मामले में भी जांच आगे बढ़ी| जांच में पाया गया कि रिपोर्ट फर्जी ढंग से लिखी गई है| शिकायती पत्र में न तो कोई तारीख थी और न ही कथित दुष्कर्म पीड़िता के हस्ताक्षर थे| इस मामले में क्राइम ब्रांच, लखनऊ के विवेचक विनोद शर्मा ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव के सामने पेश की| जिसके आधार पर सीजेएम संध्या श्रीवास्तव ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है|

Loading...