नरेश अग्रवाल का समाजवाद खत्म, मोदीवाद शुरू

नरेश अग्रवाल , समाजवाद खत्म, मोदीवाद
नरेश अग्रवाल का समाजवाद खत्म, मोदीवाद शुरू

Sp Leader Naresh Agarwal To Join Bjp

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे दिग्गज दलबदलू नेता के रूप में पहचान रखने वाले नरेश अग्रवाल के बारे में कहा जाता है कि वह सत्ता में रहना जानते हैं। ​सत्ता जाते ही वह अपना ठिकाना बदल देते हैं। राज्यसभा में सपा के सांसद के रूप में अग्रवाल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, और पार्टी ही क्षमता में नहीं है कि उन्हें दोबारा राज्यसभा भेज सके। अग्रवाल ने सपा की इस मजबूरी को समाजवाद से अपने अलगाव का कारण बनाकर भाजपा में शामिल होने का मन बना लिया है।

सूत्रों की माने तो नरेश अग्रवाल को लग रहा था कि समाजवादी पार्टी उन्हें किसी भी सूरत में राज्यसभा भेजेगी। पारिवारिक कलेश के दिनों में अखिलेश यादव का साथ देने के लिए जिस तरह से उन्होंने मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव का विरोध किया था, उन्हें उम्मीद थी कि उसका ईनाम राज्यसभा भेजकर दिया जाएगा। लेकिन अखिलेश यादव ने पार्टी की स्टार प्रचारक अभिनेत्री जया बच्चन को राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया। जिसके बाद से नरेश अग्रवाल तिलमिलाए बैठे थे। उन्होंने भाजपा में अपनी ​​गणित ​बैठाने की कोशिश की लेकिन दाल नहीं गली।

बताया जा रहा है कि नरेश अग्रवाल को भाजपा में शामिल होने के लिए हरी झंडी मिल गई लेकिन राज्यसभा की सीट को लेकर डील नहीं हो पाई।दो दिनों के इंतजार के बाद नरेश अग्रवाल ने एक कदम पीछे हटते हुए सत्तारूढ़ पार्टी में एंट्री करने का मन बना लिया है। यानी वह एक बार फिर सत्ता के साथ खड़े नजर आएंगे।

मोदी लहर में नरेश अग्रवाल का किला हुआ ध्वस्त—

हरदोई जिले से आने वाले नरेश अग्रवाल का पिछले 20 सालों से जिले और उसके सीमावर्ती 6 से 8 सीटों पर मजबूत प्रभाव रहा है। 2014 के लोकसभा चुनावों में अग्रवाल के न चाहते हुए भाजपा का उम्मीदवार इस सीट से जीत गया। अग्रवाल के कई विश्वासपात्र भाजपा में शामिल हो गए और 2017 के विधानसभा चुनावों में भी वह केवल अपने बेटे को ही जिताने में कामयाब हो सके।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे दिग्गज दलबदलू नेता के रूप में पहचान रखने वाले नरेश अग्रवाल के बारे में कहा जाता है कि वह सत्ता में रहना जानते हैं। ​सत्ता जाते ही वह अपना ठिकाना बदल देते हैं। राज्यसभा में सपा के सांसद के रूप में अग्रवाल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, और पार्टी ही क्षमता में नहीं है कि उन्हें दोबारा राज्यसभा भेज सके। अग्रवाल ने सपा की इस मजबूरी को समाजवाद से अपने अलगाव का…