सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने सीएम केजरीवाल को बताया उप राज्यपाल का चपरासी

नई दिल्ली। सपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को लेफ्टिनेंट गर्वनर का चपरासी बता नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। दरअसल शुक्रवार को राज्यसभा में दिल्ली सरकार के अधिकारों को लेकर खीच-तान का मुद्दा जमकर उछाला गया जिसमें कई पार्टियों ने दिल्ली सरकार के पक्ष में समर्थन किया। इसी बीच नरेश अग्रवाल ने आप के पक्ष में बोलते हुए सीएम केजरीवाल को लेफ्टिनेंट गवर्नर का चपरासी बता डाला। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल केजरीवाल के साथ चपरासी की तरह बर्ताव करते है। उन्होंने दिल्ली की सरकार को ज्यादा अधिकार दिए जाने की वकालत की।

हाल में कुलभूषण जाधव पर विवादित टिप्पणी करने वाले सांसद नरेश अग्रवाल ने गुरुवार को राज्य सभा में कहा, ‘दिल्ली सरकार को कोई पावर नहीं है। लेफ्टिनेंट गवर्नर दिल्ली की मुख्यमंत्री को चपरासी की तरह ट्रीट करता है। यह क्या है, एक मुख्यमंत्री की बेइज्जती है। एक लेफ्टिनेंट गवर्नर चुने हुए मुख्यमंत्री को चपरासी की तरह ट्रीट करे। मैं बिल्कुल सही कह रहा हूं। यह दिल्ली सरकार का भी आरोप है। चीफ मिनिस्टर का आरोप है। आप दिल्ली को पूरी पावर देने की बात करिए। आप चर्चा करा लीजिए। दिल्ली सरकार को कानून बनाने का अधिकार दीजिए। साढ़े तीन साल हो गए, दिल्ली को क्यों नहीं आपने बढ़िया शहर बना दिया।’

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राज्यसभा में दिल्ली विशेष उपबंध संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा के नेता रामगोपाल यादव ने दिल्ली मेट्रो की एक महत्वपूर्ण सेवा के उद्घाटन में दिल्ली के मुख्यमंत्री को नही बुलाने को गलत परंपरा की शुरुआत कहा। उनका कहना था कि हर व्यक्ति कह रहा है कि यह गलत था।

उन्होंने अटल बिहारी बाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने किसी कार्यक्रम में इस वजह से जाने से इन्कार कर दिया था, क्योंकि उसमें संबंधित राज्य के सीएम को नहीं बुलाया गया था।वहीं, इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक ने इसे ओछी राजनीति बताया है।

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