इस देश की महिलाओं को 13 घंटे काम करने पर मिलती हैं सिर्फ 6 घंटे की तनख्वाह

स्पेन , स्पेन महिलाओं की बुरी हालत
इस देश की महिलाओं को 13 घंटे काम करने पर मिलती हैं सिर्फ 6 घंटे की तनख्वाह

नई दिल्ली। स्पेन की महिलाओं को रोजाना 13 घंटे काम करना पड़ता है लेकिन उन्हें मेहनताना सिर्फ 7.3 घंटे का मिलता है। एक सर्वे में पता चला कि स्पेन में महिलाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें खासतौर से बच्चों की देखभाल समेत घरेलू काम के लिए मेहनताना नहीं दिया जाता है।

Spain Women Spend Six Hours Every Day Without Salary :

सर्वे के मुताबिक महिलाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अध्ययन में शामिल 2,400 महिलाओं ने घर को एक बड़ा मसला बताया है। उनका कहना है कि आय में अंतर के बावजूद उन्हें परिवार के खर्च में 42 फीसदी योगदान करना होता है। बच्चे होने पर महिलाओं की मुसीबत और बढ़ जाती है। मां को घर के काम में 76 फीसदी योगदान देना पड़ता है जबकि पिता सिर्फ 24 फीसदी योगदान देते हैं।

यह रिपोर्ट स्पेन में गुरुवार को हुई ऐतिहासिक नारीवादी हड़ताल के एक दिन पहले प्रकाशित हुई है। महिलाओं के विरोध की वजह यह है कि एक ही प्रकार के काम के लिए पुरुषों को ज्यादा तन्ख्वाह मिलती है जबकि महिलाओं को कम वेतन दिया जाता है। महिलाओं की यह हड़ताल लैगिक हिंसा, यौन दुराचार आदि को लेकर भी थी।

नई दिल्ली। स्पेन की महिलाओं को रोजाना 13 घंटे काम करना पड़ता है लेकिन उन्हें मेहनताना सिर्फ 7.3 घंटे का मिलता है। एक सर्वे में पता चला कि स्पेन में महिलाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें खासतौर से बच्चों की देखभाल समेत घरेलू काम के लिए मेहनताना नहीं दिया जाता है।सर्वे के मुताबिक महिलाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अध्ययन में शामिल 2,400 महिलाओं ने घर को एक बड़ा मसला बताया है। उनका कहना है कि आय में अंतर के बावजूद उन्हें परिवार के खर्च में 42 फीसदी योगदान करना होता है। बच्चे होने पर महिलाओं की मुसीबत और बढ़ जाती है। मां को घर के काम में 76 फीसदी योगदान देना पड़ता है जबकि पिता सिर्फ 24 फीसदी योगदान देते हैं।यह रिपोर्ट स्पेन में गुरुवार को हुई ऐतिहासिक नारीवादी हड़ताल के एक दिन पहले प्रकाशित हुई है। महिलाओं के विरोध की वजह यह है कि एक ही प्रकार के काम के लिए पुरुषों को ज्यादा तन्ख्वाह मिलती है जबकि महिलाओं को कम वेतन दिया जाता है। महिलाओं की यह हड़ताल लैगिक हिंसा, यौन दुराचार आदि को लेकर भी थी।