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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए आएगा विशेष विमान, एयर इंडिया वन हो सकता है नाम

By बलराम सिंह 
Updated Date

Special Aircraft Will Come For President And Prime Minister Air India Can Be One

नई दिल्ली। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जल्द ही एक विशेष विमान में यात्रा करेंगे। इस विमान को एयर इंडिया वन नाम दिया जा सकता है। इस विमान को वायुसेना के पायलट उड़ाएंगे। एयर इंडिया वायुसेना के पायलट को ट्रेनिंग भी दे रही है। इस विमान का रखरखाव एयर इंडिया के पास ही होगा। यह एक बोइंग 777 विमान है।

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प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए तैयार हो रहे बोइंग 777-300 विमान को सेल्‍फ प्रोटेक्‍शन सूट्स, जैमर, सैटेलाइट कम्‍युनिकेशन और मिसाइल एनक्रिप्‍शन तकनीक से लैस किया जाएगा। इसमें मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी लगा होगा।

मौजूदा समय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयर इंडिया के विमान बी 747 का इस्तेमाल करते हैं। इन विमानों को एयर इंडिया के पायलट उड़ाते हैं और इनके रखरखाव की जिम्मेदारी एआईईएसएल के जिम्मे है। जब यह बी 747 विमान गणमान्य व्यक्तियों के लिए उड़ान नहीं भरते तो एयर इंडिया इनका इस्तेमाल वाणिज्यिक संचालन के लिए करती है। इस विमान में एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम नहीं है। जबकि एसपीजी के मुताबिक यह सबसे महत्‍वपूर्ण फीचर है।

एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, दो नये बी 777 विमान अगले साल जुलाई में बोइंग के अमेरिकी संयंत्र से भारत लाए जाएंगे। इन पर “एयर इंडिया वन” लिखा होगा। सिर्फ वायुसेना के पायलट ही प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए इन दो नये विमानों को उड़ाएंगे। अधिकारी ने बताया कि बी 777 विमानों के लिए वायुसेना के चार से छह पायलटों को एयर इंडिया द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। वायुसेना के कुछ अन्य पायलटों को भी जल्द प्रशिक्षित किया जाएगा। नए विमानों का उपयोग केवल गणमान्य व्यक्तियों की यात्रा के लिए किया जाएगा।

मिसाइलों से लैस होगा बी 777

बोइंग 777 स्टेट ऑफ द आर्ट मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस होंगे। इन मिसाइलों को लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्रारेड काउंटरमेजर्स (एलएआईआरसीएम) और सेल्फ प्रोटेक्शन सुइट (एसपीएस) कहा जाता है। एसपीएस से विमान दुश्मन के रडार की फ्रीक्वेंसी को जाम कर देगा। इसी साल फरवरी में अमेरिका ने 190 मिलियन डॉलर कीमत वाले दो डिफेंस सिस्टम भारत को देने पर सहमति जताई थी।

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