लगातार 36 घंटे चलेगी यूपी विधानमंडल की कार्यवाही, विपक्ष ने किया बहिष्कार

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लगातार 36 घंटे चलेगी यूपी विधानमंडल की कार्यवाही, विपक्ष ने किया बहिष्कार

लखनऊ। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश में विधानमंडल का विशेष सत्र आज सुबह 11 बजे से शुरू होकर 36 घंटे तक चलेगा। ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी खास अवसर पर सदन की कार्यवाही लगातार चलेगी। ऐसा विशेष सत्र किसी राज्य की विधानसभा में पहली बार आहूत किया जा रहा है। यानी ये एक रिकॉर्ड ही माना जाएगा हालांकि। विपक्ष ने इस सत्र के बहिष्कार का निर्णय लिया है।

Special Session Of The Up Legislative Assembly Has Been Called On Gandhi Jayanti :

देश और दुनिया में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम में हो रहे हैं। प्रदेश सरकार इस अवसर पर विधानसभा व विधान परिषद की कार्यवाही को लगातार 36 घंटे चलाकर रिकॉर्ड बनाएगी। इस दौरान कुपोषण, गरीबी, भुखमरी जैसे 15 विषयों पर चर्चा होगी।

भारत समेत दुनिया के तमाम देशों ने संयुक्त राष्ट्र में इन संकल्पों को 2030 तक पूरा करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री के बाद नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी को बोलना था। इसके बाद 15-15 मिनट का समय अन्य दलीय नेताओं को दिया जाना था।

वहीं, सभी विधायकों को चार-चार मिनट और राज्यमंत्रियों को 10-10 मिनट समय दिया जाना है। इसके पश्चात बोलने के लिए कैबिनेट मंत्रियों का नंबर आएगा। विपक्ष की गैरहाजिरी से सत्ता पक्ष को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।  

सपा और कांग्रेस का लखनऊ में प्रदर्शन

गांधी जयंती पर अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी लखनऊ के जीपीओ पर प्रदर्शन करेगी। वहीं बसपा के नेता विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि बसपा की तरफ से आधिकारिक तौर पर अभी बहिष्कार करने या नहीं करने कोई बयान जारी नहीं किया है। उधर कांग्रेस ने गांधी जयंती पर लखनऊ में विरोध मार्च का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

यूपी के विकास के 17 लक्ष्यों पर होगी चर्चा

बता दें इस विशेष सत्र के दौरान यूपी में सतत विकास के 17 लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विधानसभा और विधानपरिषद में चर्चा की जाएगी। सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने का मौका मिलेगा।

वैसे इस ऐतिहासिक सत्र को लेकर विशेष इंतजाम भी किए जा रहे है और सदन की कार्यवाही 36 घंटे से भी ज्यादा समय तक सुचारू बनाए रखने के लिए नई व्यवस्थाएं की गई है। दोनों सदनों में तीन अलग-अलग शिफ्ट में एमएलए और एलएलसी के ग्रुप बनाए गए हैं, जो 12-12 घंटे तक उनको दिए गए विषय पर सदन में चर्चा करेंगे। रात में भी लगातार सदन चलते रहने को लेकर विधानभवन में ही सदस्यों के भोजन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए है।  

लखनऊ। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश में विधानमंडल का विशेष सत्र आज सुबह 11 बजे से शुरू होकर 36 घंटे तक चलेगा। ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी खास अवसर पर सदन की कार्यवाही लगातार चलेगी। ऐसा विशेष सत्र किसी राज्य की विधानसभा में पहली बार आहूत किया जा रहा है। यानी ये एक रिकॉर्ड ही माना जाएगा हालांकि। विपक्ष ने इस सत्र के बहिष्कार का निर्णय लिया है। देश और दुनिया में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम में हो रहे हैं। प्रदेश सरकार इस अवसर पर विधानसभा व विधान परिषद की कार्यवाही को लगातार 36 घंटे चलाकर रिकॉर्ड बनाएगी। इस दौरान कुपोषण, गरीबी, भुखमरी जैसे 15 विषयों पर चर्चा होगी। भारत समेत दुनिया के तमाम देशों ने संयुक्त राष्ट्र में इन संकल्पों को 2030 तक पूरा करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री के बाद नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी को बोलना था। इसके बाद 15-15 मिनट का समय अन्य दलीय नेताओं को दिया जाना था। वहीं, सभी विधायकों को चार-चार मिनट और राज्यमंत्रियों को 10-10 मिनट समय दिया जाना है। इसके पश्चात बोलने के लिए कैबिनेट मंत्रियों का नंबर आएगा। विपक्ष की गैरहाजिरी से सत्ता पक्ष को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।   सपा और कांग्रेस का लखनऊ में प्रदर्शन गांधी जयंती पर अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी लखनऊ के जीपीओ पर प्रदर्शन करेगी। वहीं बसपा के नेता विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि बसपा की तरफ से आधिकारिक तौर पर अभी बहिष्कार करने या नहीं करने कोई बयान जारी नहीं किया है। उधर कांग्रेस ने गांधी जयंती पर लखनऊ में विरोध मार्च का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी इसमें शामिल हो सकती हैं। यूपी के विकास के 17 लक्ष्यों पर होगी चर्चा बता दें इस विशेष सत्र के दौरान यूपी में सतत विकास के 17 लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विधानसभा और विधानपरिषद में चर्चा की जाएगी। सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने का मौका मिलेगा। वैसे इस ऐतिहासिक सत्र को लेकर विशेष इंतजाम भी किए जा रहे है और सदन की कार्यवाही 36 घंटे से भी ज्यादा समय तक सुचारू बनाए रखने के लिए नई व्यवस्थाएं की गई है। दोनों सदनों में तीन अलग-अलग शिफ्ट में एमएलए और एलएलसी के ग्रुप बनाए गए हैं, जो 12-12 घंटे तक उनको दिए गए विषय पर सदन में चर्चा करेंगे। रात में भी लगातार सदन चलते रहने को लेकर विधानभवन में ही सदस्यों के भोजन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए है।