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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: जानें कैसे करें कन्हैया का श्रृंगार, ये है शुभ मुहूर्त…. आज और कल मनाई जन्माष्टमी

Sri Krishna Janmashtami Learn How To Make Kanhaiyas Makeup Worship Method And Auspicious Time Janmashtami Celebrated Today And Tomorrow

By आराधना शर्मा 
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लखनऊ: जगत के पालनहार भगवान विष्णुके आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। पिछले साल की तरह ही इस साल भी कृष्ण जन्माष्टमी तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

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पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास में अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस बार पंचांग के अनुसार अष्टमी की तिथि 11 अगस्त यानि आज सुबह 9 बजकर 6 मिनट से आरंभ हो रही है। अष्टमी की तिथि 12 अगस्त को सुबह 11 बजकर 16 मिनट पर समाप्त हो रही है। 11 अगस्त को भरणी और 12 अगस्त को कृतिका नक्षत्र है।

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ऐसे में जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 11 और 12 अगस्त को मनाया जा रहा है। गृहस्थ और पारिवारिक लोग मंगलवार, 11 अगस्त यानी आज जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं। जबकि वैष्णव, संत या संन्यासी बुधवार, 12 अगस्त को व्रत रखेंगे।

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जन्माष्टमी पर बाल कृष्ण की स्थापना की जाती है। आप अपनी आवश्यकता और मनोकामना के आधार पर जिस स्वरूप को चाहें स्थापित कर सकते हैं। प्रेम और दाम्पत्य जीवन के लिए राधा-कृष्ण की, संतान के लिए बाल कृष्ण की और सभी मनोकामनाओं के लिए बंसी वाले कृष्ण की स्थापना करें। इस दिन शंख और शालिग्राम की स्थापना भी कर सकते हैं।

कैसे होगा श्रीकृष्ण का श्रृंगार?

पूजा से पहले स्नान जरूर करें। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा का विधान है। पूजा करने से पहले भगवान को पंचामृत और गंगाजल से स्नान जरूर करवाएं। श्री कृष्ण के श्रृंगार में फूलों का खूब प्रयोग करें। पीले रंग के वस्त्र, गोपी चन्दन और चन्दन की सुगंध से इनका श्रृंगार करें। श्री कृष्ण के श्रृंगार में इस बात का ध्यान रखें कि वस्त्र से लेकर गहनों तक कुछ भी काला नहीं होना चाहिए। काले रंग का प्रयोग बिल्कुल न करें।

वैजयंती के फूल अगर कृष्ण जी को अर्पित किए जाएं तो सर्वोत्तम होगा। आपको ध्यान देना है कि भगवान कृष्ण के लिए आपने जो वस्त्र खरीदे हैं वो नए ही हो। अक्सर दुकानदार पुराने कपड़ों को ही नया बताकर बेच देते हैं। इस बात का आपको जरूर ध्यान रखना है।

क्या होगा प्रसाद?

जन्माष्टमी के प्रसाद में पंचामृत जरूर अर्पित करें। उसमें तुलसी दल भी जरूर डालें। मेवा, माखन और मिसरी का भोग भी लगाएं। कहीं-कहीं धनिये की पंजीरी भी अर्पित की जाती है। इस दिन श्रीकृष्ण को पूर्ण सात्विक भोजन अर्पित किए जाते हैं, जिसमें तमाम तरह के व्यंजन हों।

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