कोलंबो सीरियल ब्लास्ट में तीन भारतीयों की भी मौत, 33 विदेशी नागरिक भी मारे गये

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कोलंबो। श्रीलंका में ईस्टर पर रविवार को हुए तीन चर्चों और लग्जरी होटलों में हुए आत्मघाती हमलों समेत आठ बम धमाकों में 215 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 500 अन्य घायल हो गए। इन धमाकों के साथ ही लिट्टे के साथ खूनी संघर्ष के खत्म होने के बाद करीब एक दशक से जारी शांति भी भंग हो गई।

Sri Lanka Blasts Death Toll Rises To 215 3 Indians Feared Dead :

पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेकरा ने बताया कि द्वीपीय राष्ट्र में हुए सबसे खतरनाक हमलों में से एक ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। अधिकारियों के मुताबिक सिनामोन ग्रांड होटल के रेस्तरां में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया।

गुनसेखरा ने धमाकों में 207 लोगों की मौत की पुष्टि की हैण् वहीं न्यूज फस्र्ट चैनल के मुताबिक मृतकों की संख्या 215 है। श्रीलंकाई पर्यटन विभाग के अध्यक्ष किशु गोम्स ने कहा कि इन सिलसिलेवार धमाकों में 33 विदेशी नागरिक मारे गए हैं। माना जा रहा है कि एक ही संगठन ने इस धमाकों को अंजाम दिया। नेशनल हॉस्पीटल के निदेशक डॉ अनिल जयसिंघे ने 33 में से 12 विदेशियों की पहचान की है जिनमें तीन भारतीय, दो चीनी व पोलैंड, डेनमार्क, जापान, पाकिस्तान, अमेरिका, मोरक्को और बांग्लादेश के एक-एक नागरिक शामिल हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर तीन भारतीय की पहचान लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश के तौर पर की है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने जानकारी दी है कि नेशनल हॉस्पीटल ने उन्हें तीन भारतीयों की मौत के बारे में सूचित किया है। धमाकों में भारतीयों समेत करीब 500 लोग घायल हुए हैं। रविवार को हुए धमाकों की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि पूर्व में लिट्टे एलटीटीई ने यहां कई हमलों को अंजाम दिया था लेकिन 2009 में लिट्टे का खात्मा हो गया।

संवाददाताओं को जानकारी देते हुए गुनासेकरा ने कहा कि पुलिस फिलहाल इस बात की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है कि क्या सभी हमले आत्मघाती थे। उन्होंने हालांकि कहा कि काटुवापितिया नेगोम्बो चर्च में हुए बम धमाके में ऐसे संकेत मिलते हैं कि यह आत्मघाती हमले जैसा था। गुनासेखरा ने बताया कि यह कफ्र्यू अगले नोटिस तक प्रभावी रहेगा। रक्षा राज्य मंत्री रूवन विजेवर्धने ने कहा कि धमाकों के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा हमारा मानना है कि ये समन्वित हमले थे और इनके पीछे एक समूह थ। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सिरिसेना ने कहा मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूंण् सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे कायराना हमला बताते हुए कहा कि उनकी सरकार स्थिति को नियंत्र में करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने ट्वीट किया मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं।

कोलंबो। श्रीलंका में ईस्टर पर रविवार को हुए तीन चर्चों और लग्जरी होटलों में हुए आत्मघाती हमलों समेत आठ बम धमाकों में 215 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 500 अन्य घायल हो गए। इन धमाकों के साथ ही लिट्टे के साथ खूनी संघर्ष के खत्म होने के बाद करीब एक दशक से जारी शांति भी भंग हो गई। पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेकरा ने बताया कि द्वीपीय राष्ट्र में हुए सबसे खतरनाक हमलों में से एक ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। अधिकारियों के मुताबिक सिनामोन ग्रांड होटल के रेस्तरां में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया। गुनसेखरा ने धमाकों में 207 लोगों की मौत की पुष्टि की हैण् वहीं न्यूज फस्र्ट चैनल के मुताबिक मृतकों की संख्या 215 है। श्रीलंकाई पर्यटन विभाग के अध्यक्ष किशु गोम्स ने कहा कि इन सिलसिलेवार धमाकों में 33 विदेशी नागरिक मारे गए हैं। माना जा रहा है कि एक ही संगठन ने इस धमाकों को अंजाम दिया। नेशनल हॉस्पीटल के निदेशक डॉ अनिल जयसिंघे ने 33 में से 12 विदेशियों की पहचान की है जिनमें तीन भारतीय, दो चीनी व पोलैंड, डेनमार्क, जापान, पाकिस्तान, अमेरिका, मोरक्को और बांग्लादेश के एक-एक नागरिक शामिल हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर तीन भारतीय की पहचान लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश के तौर पर की है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने जानकारी दी है कि नेशनल हॉस्पीटल ने उन्हें तीन भारतीयों की मौत के बारे में सूचित किया है। धमाकों में भारतीयों समेत करीब 500 लोग घायल हुए हैं। रविवार को हुए धमाकों की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि पूर्व में लिट्टे एलटीटीई ने यहां कई हमलों को अंजाम दिया था लेकिन 2009 में लिट्टे का खात्मा हो गया। संवाददाताओं को जानकारी देते हुए गुनासेकरा ने कहा कि पुलिस फिलहाल इस बात की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है कि क्या सभी हमले आत्मघाती थे। उन्होंने हालांकि कहा कि काटुवापितिया नेगोम्बो चर्च में हुए बम धमाके में ऐसे संकेत मिलते हैं कि यह आत्मघाती हमले जैसा था। गुनासेखरा ने बताया कि यह कफ्र्यू अगले नोटिस तक प्रभावी रहेगा। रक्षा राज्य मंत्री रूवन विजेवर्धने ने कहा कि धमाकों के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा हमारा मानना है कि ये समन्वित हमले थे और इनके पीछे एक समूह थ। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सिरिसेना ने कहा मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूंण् सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे कायराना हमला बताते हुए कहा कि उनकी सरकार स्थिति को नियंत्र में करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने ट्वीट किया मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं।