श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा- आतंकवाद के खात्मे तक न तो भागूंगा और न ही इस्तीफा दूंगा

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श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा- आतंकवाद के खात्मे तक न तो भागूंगा और न ही इस्तीफा दूंगा

नई दिल्ली। श्रीलंका में ईस्‍टर के मौके पर पिछले माह हुए आतंकी हमलों को 20 दिन से अधिक हो चुके हैं। पीड़‍ितों को याद कर परिजनों के आंसू अब भी नहीं थम रहे। इन सबके बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने कहा है कि जब तक देश से आतंकवाद का खात्मा नहीं कर लूंगा, तब तक न तो कहीं भागूंगा, न डरूंगा और न ही इस्तीफा दूंगा।

Sri Lanka Bombing Aftermath President Maithripala Sirisena Vows To Uproot Terrorism :

सिरिसेना ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं न इस्तीफा दूंगा, न घर जाऊंगा और न ही डरूंगा। मैं तब तक चैन से नहीं बैठने वाला, जब तक आतंकवाद का खात्मा न कर दूं।’ एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सिरिसेना ने ईस्टर संडे धमाकों के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठान में किए गए फेरबदल का भी जिक्र किया और बताया कि उन्‍होंने किस तरह त्‍वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रमुख को निलंबित कर दिया, रक्षा मंत्रालय में नया सचिव नियुक्त किया।

इस बीच, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास किसी तरह का अवैध विस्फोटक है तो वे तीन दिन के भीतर नजदीकी थाने में पूर्व सूचना देकर इसे जमा करा दें। प्रशासन ने अवैध विस्‍फोटक होने के बारे में नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करने के लिए मंगलवार (14 मई) तक का वक्‍त निर्धारित किया है। एक सप्‍ताह पहले ही अधिकारियों ने लोगों से तलवार या अन्य कोई धारदार हथियार नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराने को कहा था। श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान कई मस्जिदों से तलवार व अन्य हथियार बरामद किए गए थे।

देश में ईस्‍टर के मौके पर हुए सिलसिलेवार विस्‍फोटों में 250 से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों घायल हो गए। मरने वालों में 10 भारतीय नागरिकों सहित 44 विदेशी भी शामिल हैं। विस्‍फोटों की जिम्‍मेदारी इस्‍लामिक स्‍टेट ने ली है। हालांक‍ि श्रीलंका की सरकार ने स्थानीय इस्लामिक चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। वारदात की जांच के सिलसिले में अब तक 100 से अधिक लोगों को हिरासत में गिरफ्तार किया जा चुका है।

नई दिल्ली। श्रीलंका में ईस्‍टर के मौके पर पिछले माह हुए आतंकी हमलों को 20 दिन से अधिक हो चुके हैं। पीड़‍ितों को याद कर परिजनों के आंसू अब भी नहीं थम रहे। इन सबके बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने कहा है कि जब तक देश से आतंकवाद का खात्मा नहीं कर लूंगा, तब तक न तो कहीं भागूंगा, न डरूंगा और न ही इस्तीफा दूंगा। सिरिसेना ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, 'मैं न इस्तीफा दूंगा, न घर जाऊंगा और न ही डरूंगा। मैं तब तक चैन से नहीं बैठने वाला, जब तक आतंकवाद का खात्मा न कर दूं।' एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सिरिसेना ने ईस्टर संडे धमाकों के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठान में किए गए फेरबदल का भी जिक्र किया और बताया कि उन्‍होंने किस तरह त्‍वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रमुख को निलंबित कर दिया, रक्षा मंत्रालय में नया सचिव नियुक्त किया। इस बीच, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास किसी तरह का अवैध विस्फोटक है तो वे तीन दिन के भीतर नजदीकी थाने में पूर्व सूचना देकर इसे जमा करा दें। प्रशासन ने अवैध विस्‍फोटक होने के बारे में नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करने के लिए मंगलवार (14 मई) तक का वक्‍त निर्धारित किया है। एक सप्‍ताह पहले ही अधिकारियों ने लोगों से तलवार या अन्य कोई धारदार हथियार नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराने को कहा था। श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान कई मस्जिदों से तलवार व अन्य हथियार बरामद किए गए थे। देश में ईस्‍टर के मौके पर हुए सिलसिलेवार विस्‍फोटों में 250 से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों घायल हो गए। मरने वालों में 10 भारतीय नागरिकों सहित 44 विदेशी भी शामिल हैं। विस्‍फोटों की जिम्‍मेदारी इस्‍लामिक स्‍टेट ने ली है। हालांक‍ि श्रीलंका की सरकार ने स्थानीय इस्लामिक चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। वारदात की जांच के सिलसिले में अब तक 100 से अधिक लोगों को हिरासत में गिरफ्तार किया जा चुका है।