श्रीलंका में म्यांमार जैसे हालात​, सांप्रदायिक हिंसा के चलते लगी इमरजेंसी

श्रीलंका में म्यांमार जैसे हालात​, सांप्रदायिक हिंसा के चलते लगी इमरजेंसी
श्रीलंका में म्यांमार जैसे हालात​, सांप्रदायिक हिंसा के चलते लगी इमरजेंसी

कोलंबो। श्रीलंका में बौद्ध-मुस्लिम हिंसा के बाद लगाई गई 10 दिन इमरजेंसी, हो रहा म्यामर जैसी स्थिति  श्रीलंका में सांप्रदायिक दंगे को फैलने से रोकने के लिए 10 दिन के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। सरकारी प्रवक्ता ने इस बात की जानकारी दी। बौद्ध और मुस्लिम संप्रदाय के लोगों के बीच कैंडी में हुई झड़प के एक दिन के बाद यह फैसला लिया गया। वहीं, न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री एस बी दिसानायके ने कहा है कि श्रीलंका ने कैंडी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद आपातकाल की घोषणा कर दी है।

हिंसा की वजह क्या है? 

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श्रीलंका के कई इलाकों में मुस्लिमों और बौद्धों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं। बौद्ध समुदाय का आरोप है कि मुस्लिम संस्थाएं और इनसे जुड़े लोग जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। वहीं, कुछ ऑर्गनाइजेशन और ग्रुप्स रोहिंग्या मुसलमान को शरण देने का विरोध भी कर रहे हैं। बौद्ध सिंहलियों का मानना है कि रोहिंग्या मुस्लिमों ने म्यांमार में उनके समुदाय के लोगों पर जुल्म ढाहे और परेशान किया।

बौद्ध और मुस्लिम की कितनी आबादी है?

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श्रीलंका में मुस्लिमों की आबादी सिर्फ 10% है, जबकि बौद्ध सिंहला करीब 75% है।

पहले भी हुए हैं सांप्रदायिक हिंसा

कुछ संगठनों ने इस हिंसा के लिए राष्ट्रवादी बौद्ध संगठन बोडू बाला सेना (बीबीएस) ग्रुप को जिम्मेदार ठहराया है। दावा किया जा रहा है कि ये लोग मुसलमानों के स्वामित्व वाले दुकानों और मस्जिदों पर हमले कर रहे हैं। जून, 2014 में भी मुस्लिम विरोधी अभियान शुरू हुआ गया था जो बाद हिंसात्मक हो गई और इसे अलुथगमा हिंसा में काफी लोग मारे गए।

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राष्ट्रपति एम सिरीसेना ने 2015 में सत्ता में आने के बाद मुस्लिम विरोध अपराध को लेकर जांच शुरू करवाई थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई खास प्रगति नहीं देखने को मिली। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हिंसा और आगजनी के मामले में 2 दर्जन दोषी लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।

हालांकि सांप्रदायिक हिंसा को लेकर देश के शीर्ष स्तर से कुछ भी नहीं कहा गया है। राष्ट्रपति सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पूरे मामले पर अभी कुछ नहीं कहा है।

कोलंबो। श्रीलंका में बौद्ध-मुस्लिम हिंसा के बाद लगाई गई 10 दिन इमरजेंसी, हो रहा म्यामर जैसी स्थिति  श्रीलंका में सांप्रदायिक दंगे को फैलने से रोकने के लिए 10 दिन के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। सरकारी प्रवक्ता ने इस बात की जानकारी दी। बौद्ध और मुस्लिम संप्रदाय के लोगों के बीच कैंडी में हुई झड़प के एक दिन के बाद यह फैसला लिया गया। वहीं, न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री एस बी दिसानायके ने कहा है कि श्रीलंका…
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