श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी उम्मीदवार गोटाबाया राजपक्षे की जीत, PM मोदी ने दी बधाई

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श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी उम्मीदवार गोटाबाया राजपक्षे की जीत, PM मोदी ने दी बधाई

नई दिल्ली। श्रीलंका (Sri Lanka) के राष्ट्रपति चुनाव में ‘श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना पार्टी’ (एसएलपीपी) के उम्मीदवार और पूर्व रक्षा सचिव गोतबया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने जीत दर्ज की। चुनाव आयोग के आधिकारिक ऐलान से पहले ही सरकार की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए सजीत प्रेमदासा ने हार कबूल कर ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपक्षे को बधाई दी।

Sri Lanka Presidential Election Victory Of Opposition Candidate Gotabaya Rajapaksa Pm Modi Congratulates :

जिसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोटबाया राजपक्षे को जीत की बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति चुनावों में जीत के लिये आपको बधाई गोटबाया। मैं, हमारे दोनों देशों और नागरिकों के बीच घनिष्ठ तथा भाइचारे वाले संबंधों को और अधिक मजबूत करने, शांति, समृद्धि और क्षेत्र में सुरक्षा के लिये आपके साथ मिलकर काम करने की आशा करता हूं।  

राजपक्षे को सिंहली बहुल इलाकों में समर्थन

राजपक्षे के प्रवक्ता केहेलिया रम्बुकवेला ने इसे गौतबाया की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, “हमें 53 से 54% के बीच वोट मिले हैं। यह हमारी साफ जीत है। सोमवार या उसके एक दिन बाद उनका शपथग्रहण हो सकता है।” राजपक्षे को देश के ज्यादातर सिंहली बहुल इलाकों का समर्थन मिला है, जबकि प्रेमदासा श्रीलंका के पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि वह रविवार शाम तक नतीजे घोषित कर सकता है।

मतदान के लिए बड़ी संख्या में निकले लोग

चुनाव आयोग के प्रमुख महिंदा देशप्रिय ने बताया कि 1.59 कराेड़ मतदाताओं के लिए देशभर में 12,845 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान के दाैरान हिंसा की घटनाओं के बावजूद 80% वाेटिंग हुई। इस बार चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए 32 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा। इसलिए मतपत्र 26 इंच का था, जो अब तक के चुनावों में सबसे लंबा है। पश्चिम श्रीलंका में एक जगह कुछ अज्ञात लाेगाें ने मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं काे ले जा रही दाे बसाें पर पथराव के बाद गाेलीबारी की। हालांकि इसमें किसी काे चाेट नहीं लगी। पथराव से बसाें के शीशे टूट गए। चुनाव में छिटपुट हिंसा के 69 मामले दर्ज किए गए हैं।

ईस्टर हमले के बाद पहला बड़ा चुनाव

देश में ईस्टर हमले के बाद पहला चुनाव होने के कारण सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। देश भर में 60 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। बैलेट पत्र पर मतदाताओं को तीन शीर्ष प्रत्याशियों के चयन का विकल्प दिया गया था।    

नई दिल्ली। श्रीलंका (Sri Lanka) के राष्ट्रपति चुनाव में 'श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना पार्टी' (एसएलपीपी) के उम्मीदवार और पूर्व रक्षा सचिव गोतबया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने जीत दर्ज की। चुनाव आयोग के आधिकारिक ऐलान से पहले ही सरकार की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए सजीत प्रेमदासा ने हार कबूल कर ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपक्षे को बधाई दी। जिसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोटबाया राजपक्षे को जीत की बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति चुनावों में जीत के लिये आपको बधाई गोटबाया। मैं, हमारे दोनों देशों और नागरिकों के बीच घनिष्ठ तथा भाइचारे वाले संबंधों को और अधिक मजबूत करने, शांति, समृद्धि और क्षेत्र में सुरक्षा के लिये आपके साथ मिलकर काम करने की आशा करता हूं।   राजपक्षे को सिंहली बहुल इलाकों में समर्थन राजपक्षे के प्रवक्ता केहेलिया रम्बुकवेला ने इसे गौतबाया की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, “हमें 53 से 54% के बीच वोट मिले हैं। यह हमारी साफ जीत है। सोमवार या उसके एक दिन बाद उनका शपथग्रहण हो सकता है।” राजपक्षे को देश के ज्यादातर सिंहली बहुल इलाकों का समर्थन मिला है, जबकि प्रेमदासा श्रीलंका के पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि वह रविवार शाम तक नतीजे घोषित कर सकता है। मतदान के लिए बड़ी संख्या में निकले लोग चुनाव आयोग के प्रमुख महिंदा देशप्रिय ने बताया कि 1.59 कराेड़ मतदाताओं के लिए देशभर में 12,845 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान के दाैरान हिंसा की घटनाओं के बावजूद 80% वाेटिंग हुई। इस बार चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए 32 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा। इसलिए मतपत्र 26 इंच का था, जो अब तक के चुनावों में सबसे लंबा है। पश्चिम श्रीलंका में एक जगह कुछ अज्ञात लाेगाें ने मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं काे ले जा रही दाे बसाें पर पथराव के बाद गाेलीबारी की। हालांकि इसमें किसी काे चाेट नहीं लगी। पथराव से बसाें के शीशे टूट गए। चुनाव में छिटपुट हिंसा के 69 मामले दर्ज किए गए हैं। ईस्टर हमले के बाद पहला बड़ा चुनाव देश में ईस्टर हमले के बाद पहला चुनाव होने के कारण सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। देश भर में 60 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। बैलेट पत्र पर मतदाताओं को तीन शीर्ष प्रत्याशियों के चयन का विकल्प दिया गया था।