श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक ने ‘कुत्ते’ से की गौरी लंकेश की तुलना

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श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक ने 'कुत्ते' से की गौरी लंकेश की तुलना

बेंगलुरु। श्रीराम सेने के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद मुतालिक ने पत्रकार गौरी लंकेश हत्या की तुलना ‘कुत्ते की मौत’ से करके एक बार फिर विवादों को जन्म दे दिया है। इसके एक दिन पहले एसआईटी ने सेने के विजयपुरा जिले के अध्यक्ष राकेश मथ को मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था।

Sri Ram Sene Chief Pramod Muthalik Compares Gauri Lankesh To Dog :

मुतालिक ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘कांग्रेस के शासन के दौरान दो हत्याएं कर्नाटक में हुईं और दो महाराष्ट्र में। उस दौरान किसी ने कांग्रेस सरकार की नाकामयाबी पर सवाल नहीं उठाए। इसके बदले, वे लोग पुछ रहे हैं कि गौरी लंकेश की हत्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों चुप हैं? अगर कर्नाटक में कोई कुत्ता भी मरता है तो क्या मोदी जिम्मेदार हैं?’

मुतालिक ने वाघमारे से खुद को किया अलग

इस बीच, श्रीराम सेना के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद मुतालिक ने खुद को और अपने संगठन को वाघमारे और गौरी की हत्या से अलग कर लिया है। मुतालिक ने 17 जून को कहा, ‘‘श्रीराम सेना और वाघमारे के बीच कोई संबंध नहीं है। वह न तो हमारा सदस्य है और न ही हमारा कार्यकर्ता है। यह मैं स्पष्ट रूप से कह रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तानी झंडा फहराने का मामला सामने आया था तो कहा गया कि वाघमारे श्रीराम सेना का सदस्य है। हालांकि, उन्होंने यह साबित कर दिया कि वाघमारे उनके संगठन का नहीं, बल्कि आरएसएस का सदस्य है।

मुतालिक ने कहा, ‘‘आरएसएस की वर्दी में मैंने उसकी तस्वीर साझा की। मैंने उस वक्त कहा था कि वह श्रीराम सेना का नहीं, बल्कि आरएसएस का कार्यकर्ता था।’’ परशुराम वाघमारे के पिता अशोक वाघमारे ने कहा कि उसका पुत्र निर्दोष है, लेकिन यह नहीं कह सकता कि वह (परशुराम) लंकेश की हत्या के दिन पांच सितम्बर को कहां था।

बेंगलुरु। श्रीराम सेने के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद मुतालिक ने पत्रकार गौरी लंकेश हत्या की तुलना 'कुत्ते की मौत' से करके एक बार फिर विवादों को जन्म दे दिया है। इसके एक दिन पहले एसआईटी ने सेने के विजयपुरा जिले के अध्यक्ष राकेश मथ को मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था।मुतालिक ने एक कार्यक्रम में कहा, 'कांग्रेस के शासन के दौरान दो हत्याएं कर्नाटक में हुईं और दो महाराष्ट्र में। उस दौरान किसी ने कांग्रेस सरकार की नाकामयाबी पर सवाल नहीं उठाए। इसके बदले, वे लोग पुछ रहे हैं कि गौरी लंकेश की हत्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों चुप हैं? अगर कर्नाटक में कोई कुत्ता भी मरता है तो क्या मोदी जिम्मेदार हैं?'

मुतालिक ने वाघमारे से खुद को किया अलग

इस बीच, श्रीराम सेना के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद मुतालिक ने खुद को और अपने संगठन को वाघमारे और गौरी की हत्या से अलग कर लिया है। मुतालिक ने 17 जून को कहा, ‘‘श्रीराम सेना और वाघमारे के बीच कोई संबंध नहीं है। वह न तो हमारा सदस्य है और न ही हमारा कार्यकर्ता है। यह मैं स्पष्ट रूप से कह रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तानी झंडा फहराने का मामला सामने आया था तो कहा गया कि वाघमारे श्रीराम सेना का सदस्य है। हालांकि, उन्होंने यह साबित कर दिया कि वाघमारे उनके संगठन का नहीं, बल्कि आरएसएस का सदस्य है।मुतालिक ने कहा, ‘‘आरएसएस की वर्दी में मैंने उसकी तस्वीर साझा की। मैंने उस वक्त कहा था कि वह श्रीराम सेना का नहीं, बल्कि आरएसएस का कार्यकर्ता था।’’ परशुराम वाघमारे के पिता अशोक वाघमारे ने कहा कि उसका पुत्र निर्दोष है, लेकिन यह नहीं कह सकता कि वह (परशुराम) लंकेश की हत्या के दिन पांच सितम्बर को कहां था।